सतीश उपाध्याय ने जी20 शिखर सम्मेलन के महत्व पर विवेकानंद स्कूल के छात्रों को संबोधित किया

नई दिल्ली : भारत में जी20 शिखर सम्मेलन के महत्व को बताने के उद्देश्य से, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने आनंद विहार स्थित विवेकानंद स्कूल द्वारा आयोजित एक सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप भाग लिया ।

श्री उपाध्याय ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही । उन्होंने जी20 शिखर सम्मेलन की थीम “वसुधैव कुटुंबकम” के महत्व को रेखांकित किया, जो वैश्विक एकता की भावना का प्रतीक है, “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” के विचार को बढ़ावा देता है।

उन्होंने बताया कि कैसे G20 शिखर सम्मेलन भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक विकासशील, तकनीकी, डिजिटल और समृद्ध राष्ट्र के रूप में पेश करने में सहायक रहेगा है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन दुनिया के सामने भारत की उपलब्धियों और आकांक्षाओं को प्रदर्शित करने, आपसी समझ और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।

उन्होने कहा की अब तक के जितने जी20 शिखर सम्मलेन हुए उसमें से सबसे बड़ा, सबसे ज्यादा जनभागीदारी, सबसे ज्यादा देशों को जोडने वाला, सबसे ज्यादा ग्रुप डिस्कशन करने वाला, सबसे ज्यादा निर्णय लेने वाला भारत का जी20 शिखर सम्मलेन बना जो की भारत के माननीय प्रधान मंत्री के मार्गदर्शन पूरा हुआ ।

श्री उपाध्याय ने कहा कि भारत की जी20 की अध्यक्षता “अमृत काल” की शुरुआत का भी प्रतीक है, जो 2022 में भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ से शुरू होने वाली 25 साल की यात्रा है। इस अवधि का उद्देश्य एक भविष्यवादी, समृद्ध, समावेशी और विकसित समाज को बढ़ावा देना है।

छात्रों से बात करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जी20 शिखर सम्मेलन न केवल देशों को एक साथ लाता है बल्कि वैश्विक सहयोग, व्यापार और विकास को बढ़ावा देकर देश के भविष्य को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होने कहा कि भारत में जी20 शिखर सम्मेलन का ज्ञान युवा दिमागों के लिए न केवल प्रेरणा अपितु ज्ञान का भी स्रोत है । उन्होंने छात्रों से दुनिया के साथ जुड़ने और वैश्विक एजेंडे को आकार देने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को पढ़ने और समझने का आग्रह किया।

उन्होंने दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के ऐतिहासिक महत्व पर विचार करते हुए कहा कि यह शहर, राष्ट्र और इसके नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था जहाँ भारत की समृद्ध संस्कृति, विरासत और पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति को प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया।
सेमिनार में भाजपा महासचिव श्री हर्ष मल्होत्रा सहित, विवेकानन्द स्कूल- आनंद विहार के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं छात्र-छात्राए उपस्थित थे।


