राष्ट्रीय लोकदल ने उ.प्र. में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में पहली बार उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है: रामाशीष राय
'राष्ट्रीय लोकदल के समर्थकों एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के द्वारा मुद्दों पर जनता के बीच किये अनवरत संघर्ष एवं जनसम्पर्क की देन '

लखनऊ : राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल ने उ.प्र. में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में पहली बार उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। यह सफलता विपरीत परिस्थितियों में कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय लोकदल के समर्थकों एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के द्वारा मुद्दों पर जनता के बीच किये अनवरत संघर्ष एवं जनसम्पर्क की देन है।

श्री राय ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में सपा और रालोद मिलकर लड़ने की योजना बनाई थी, किन्तु चुनाव की घोषणा होने पर अलग-अलग लडना पडा. कई जगहों पर रालोद तथा सपा के उम्मीदवार आमने सामने थे। ऐसी परिस्थितियों में रालोद ने नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में समर्थकों सहित 24 क्षेत्रों में जीत दर्ज किया है। नगर निगम, नगर पालिका तथा नगर पंचायतों के विभिन्न वार्डो में रालोद के प्रत्याशियों ने अपनी जीत दर्ज की है। जिनकी संख्या लगभग 88 के करीब है। समर्थकों सहित कुल विजयी प्रत्याशी की संख्या 112 है। चुनाव परिणाम वाले दिन सर्वप्रथम राष्ट्रीय लोकदल का खाता अयोध्या के कल्याण सिंह वार्ड में पार्षद की जीत के रूप में खुला।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष मा0 चौधरी जयंत सिंह, “सांसद” ने किसानों की एम0एस0पी0 गन्ना मूल्य, अग्निवीर योजना, महिला उत्पीड़न, किसानों के साथ हुए अत्याचार को प्रमुखता से उजागर कर संघर्ष किया है। जिसके कारण प्रदेश और देश में उनकी स्वीकार्यता लोकप्रियता बढी है। जो चुनाव परिणामों से परिलक्षित हो रहा है। राष्ट्रीय लोकदल सामाजिक भाईचारा और राष्ट्रीय एकता सदभाव समरसता के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश में समरसता बनाए रखने के लिए निरन्तर जनसम्पर्क अभियान में जुटे हैं। पार्टी 29 मई को प्रदेश भर में चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर समरसता गोष्ठियों सहभोज कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय लिया है।
रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज देश में संवैधानिक संस्थाओं को पंगु बनाया जा रहा है और और संवैधानिक पदों पर बैठे हुए लोगों पर अनावश्यक दबाव के चलते लोकतांत्रिक व्यवस्था चूर चूर हो रही है। ऐसी स्थिति को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी को केन्द्र की सत्ता से बाहर करना राष्ट्रीय लोकदल का लक्ष्य है। उ0प्र0 राष्ट्रीय लोकदल आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर बूथ कमेटी, एवं सेक्टर के गठन में लगा है, उसके बाद सेक्टर, विधानसभा एवं जिला सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। प्रदेश में उन लोकसभा सीटों पर ज्यादा ध्यान दिया जायेगा जो नेतृत्व एवं जनाधार के प्रभाव वाले हैं। स्थानीय निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ दल द्वारा अच्छे और सरल टैक्स की बात कहीं गयी थी, किन्तु अब सरकार नगरों, महानगरों में हाउस टैक्स बढ़ाने की योजना बना रही है सरकार का यह कृत्य महंगाई से परेशान जनता पर एक गहरा आघात होगा। रालोद इसका कड़ा विरोध करेगा। सरकार प्रस्तावित बढोत्तरी को स्थगित करे।


