मुनाल द्वारा आयोजित संगीत कार्यशाला की मनमोहक प्रस्तुतियाँ

लखनऊ : मुनाल के संस्थापक सूबेदार बुध सिंह बिष्ट व बसंती बिष्ट जी की स्मृति में आयोजित लोकगीत कार्यशाला एक से 20 अप्रैल तक आयोजित की गई थी जिसमें प्रतिभागियों द्वारा तैयार प्रस्तुतियों का मंचन अप्रैल को हमारी विरासत कार्यक्रम में कार्यशाला के तहत गढ़वाली, कुमाऊनी, अवध, ब्रज, बुंदेली, भोजपुरी लोक गीतों के माध्यम से किया गया.
लोक गायन की कार्यशाला यशभारती सम्मानित वरिष्ठ लोक गायिका ऋचा जोशी के संयोजन में किया गया कार्यशाला में सभी आयु वर्ग के प्रतिभागी भाग ले रहे थे जिसमें 8 वर्ष से 65 वर्ष तक के प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे लोक विशेषज्ञ उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी सम्मानित मुनालश्री विक्रम बिष्ट द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत व आभार व्यक्त किया उन्होंने बताया कि इस तरह की कार्यशाला से हमारी संस्कृति को संरक्षण मिलता रहेगा मुख्य अतिथि मुनाल गढ़वाली समाज की महिला अध्यक्ष सुश्री देवेश्वरी पवार ने इस तरह की कार्यशाला होती रहनी चाहिए जिससे हमारी संस्कृति हमारी पहचान बन सके.
इस अवसर पर कार्यशाला प्रतिभागियों ने गायन प्रस्तुत किया जिसमें प्रमिला जोशी, शैलजा श्रीवास्तव, कंचन शर्मा ,चंदू जोशी , मधु माथुर, आशा मौर्य, रागिनी अग्रवाल, प्रसिद्धि जोशी, गीता सिंह,पूर्णिमा बाजपेई, प्रदीप पटेल, आशू नौटियाल, मानसी बिष्ट आदि प्रतिभागी ने गढ़वाली गीत बोलआंदा बद्री, अवध का गीत सासु की बीनी दरिया रे, भोजपुरी गीत अंगना न सोहे राजा तथा छोटी सी किशोरी, आज तो अवध में बधाई बाजे जैसे कई लोकगीतों की प्रस्तुति को प्रस्तुत किया दिनांक 23 अप्रैल को पेशावर कांड के महानायक की स्मृति में कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा.



