अलाया केस: FIR से पहले अवैध अरेस्ट?, NHRC को शिकायत

लखनऊ : अधिकार सेना ने दावा किया है कि अलाया अपार्टमेंट मामले में मुक़दमा दर्ज होने के पहले ही नवाजिश को मेरठ पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाना देश के कानून का उल्लंघन है.
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भेजी गयी शिकायत में कहा गया है कि इस मामले में एफआईआर संख्या 35/2023 धारा 323/308/420/120 आईपीसी व 7 क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट 25 जनवरी 2023 को समय 11.44 बजे पर एसएसआई हजरतगंज द्वारा दर्ज कराया गया था लेकिन इस एफआईआर के एक अभियुक्त नवाजिश को मेरठ पुकिस ने दिनांक 24 जनवरी की रात में ही लगभग 01 रात उनके मेरठ स्थित निवास से हिरासत में ले लिया गया और वहां में उन्हें पुलिस की गाड़ी में अभियुक्त की तरह लखनऊ ले गयी जहाँ अगले दिन उन्हें लखनऊ पुलिस ने अरेस्ट बताया.
अमिताभ ने कहा कि किसी भी क्रिमिनल केस में कोई भी कार्यवाही एफआईआर दर्ज होने के बाद ही होती है, ऐसे में एफआईआर के दर्ज होने के लगभग 11 घंटे पहले एक व्यक्ति को पुलिस हिरासत में लिया जाना प्रथमद्रष्टया अवैध हिरासत का मामला दिखता है क्योंकि उस समय तक एफआईआर नहीं होने के कारण कानूनन पुलिस के पास किसी व्यक्ति के उस मामले में अभियुक्त होने की कोई जानकारी नहीं थी . उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस लगातार इस प्रकार के गैर-क़ानूनी कामों में संलग्न है. अतः उन्होंने मामले की जाँच व कार्यवाही की मांग की है.



