प्रशिक्षण से सामुदायिक कार्रवाई तक : रेजिलिएंस यूथ क्लब के स्वयंसेवकों ने टीबी मुक्त भारत मिशन में बढ़ाया कदम

नई दिल्ली : टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में युवा सहभागिता को मजबूत करते हुए रेजिलिएंस सेवा फाउंडेशन की युवा स्वयंसेवी शाखा रेजिलिएंस यूथ क्लब के युवा स्वयंसेवक टीम ने माय भारत, साउथ दिल्ली के माध्यम से राष्ट्रीय क्षय रोग एवं श्वसन रोग संस्थान (NITRD) में आयोजित सप्ताहभर के टीबी मुक्त भारत इक्स्पीरीएन्शल लर्निंग प्रोग्राम ( ELP ) को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह कार्यक्रम पूरे एक सप्ताह तक आयोजित हुआ, जिसमें युवा स्वयंसेवकों को टीबी की रोकथाम, उपचार, जांच, मरीजों की काउंसलिंग तथा सामुदायिक सहभागिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
रेजिलियंस सेवा फाउंडेशन के संयोजक रवि शंकर प्रसाद ने बताया है कि इस कार्यक्रम ने जनस्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण, व्यावहारिक अनुभव और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ जोड़ा है , इसके माध्यम से स्वयंसेवकों ने टीबी को केवल एक चिकित्सकीय समस्या के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी सामुदायिक चुनौती के रूप में समझा, जिसके समाधान के लिए जागरूकता, समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, काउंसलिंग, सामाजिक सहयोग और निरंतर जनभागीदारी आवश्यक है । उन्होंने बताया है कि हर बीमारी का ईलाज संभव है यदि उसकी समय पर पहचान हो जाए , कोई भी बीमारी आपके पास नहीं आयेगी यदि आप जागरूक होंगे ।
कक्षा से समुदाय तक
राष्ट्रीय क्षय रोग एवं श्वसन रोग संस्थान में पहले तीन दिनों के दौरान स्वयंसेवकों ने टीबी के कारण, रोकथाम और उपचार के बारे में व्यवस्थित जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्हें बलगम (Sputum) नमूना संग्रह तथा CBNAAT आधारित जांच की प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। स्वयंसेवकों ने टीबी मरीजों की काउंसलिंग एवं मानसिक और भावनात्मक सहयोग के महत्व को भी समझा, जिससे उन्हें टीबी देखभाल के मानवीय एवं सामाजिक पहलुओं की गहरी समझ मिली। इसके बाद कार्यक्रम ने संस्थागत प्रशिक्षण से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष सामुदायिक सहभागिता का रूप लिया।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के चौथे और पांचवें दिन टीम ने बेगमपुर बस्ती क्षेत्र का दौरा किया, जहां स्वयंसेवकों ने सामुदायिक सर्वेक्षण, टीबी जागरूकता एवं जनसंपर्क गतिविधियों में भाग लिया। स्वयंसेवकों ने स्थानीय समुदाय के लोगों से संवाद करते हुए टीबी की रोकथाम, उपचार तथा उचित स्वास्थ्य सेवाओं का समय पर लाभ लेने के संबंध में जागरूकता का संदेश पहुंचाया।
टीबी मुक्त भारत के लिए सरकार और युवाओं की साझेदारी
इस पहल को सुश्री नीलू ठडानी, जिला युवा अधिकारी (DYO), दक्षिण दिल्ली, तथा डॉ. नीता सिंगला, प्रमुख, महामारी विज्ञान एवं जन स्वास्थ्य विभाग एवं जिला टीबी अधिकारी, का महत्वपूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। अधिकारियों के सहयोग और मार्गदर्शन से युवा स्वयंसेवकों को टीबी उन्मूलन के व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों में युवा सहभागिता की भूमिका और सामुदायिक स्तर पर कार्य करने की प्रक्रिया को समझने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।
इक्स्पीरीएन्शल लर्निंग प्रोग्राम का समापन – मिशन जारी
रेजिलिएंस यूथ क्लब की टीम के लिए एक्सपेरिएंटल लर्निंग प्रोग्राम का समापन किसी गतिविधि का अंत नहीं, बल्कि टीबी मुक्त भारत के लिए निरंतर प्रतिबद्धता की शुरुआत है। स्वयंसेवक इक्स्पीरीएन्शल लर्निंग प्रोग्राम ( ELP ) से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को आगे बढ़ाते हुए सामुदायिक जागरूकता, युवा सहभागिता, टीबी से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने, शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता तथा संबंधित सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों के मार्गदर्शन में उचित सामुदायिक गतिविधियों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पहल यह दर्शाती है कि युवा नागरिक केवल जागरूकता के दर्शक नहीं, बल्कि समुदाय में सकारात्मक परिवर्तन के सक्रिय वाहक बन सकते हैं और इक्स्पीरीएन्शल लर्निंग को वास्तविक सामुदायिक कार्रवाई में परिवर्तित कर सकते हैं।
टीबी मुक्त भारत के लिए युवा संकल्प
इस पहल के माध्यम से रेजिलिएंस यूथ क्लब और रेजिलिएंस सेवा फाउंडेशन युवाओं को जिम्मेदार सामुदायिक सेवा और जनस्वास्थ्य जागरूकता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। टीम अपनी आगामी टीबी गतिविधियों को एक स्पष्ट सिद्धांत के साथ आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखती है — ” स्वास्थ्य व्यवस्था से सीखें। समुदाय तक पहुंचें। जागरूकता फैलाएं। समय पर उपचार के लिए प्रेरित करें। युवाओं को जोड़ें। टीबी मुक्त भारत बनाएं। ”
रेजिलिएंस यूथ क्लब के बारे में
रेजिलिएंस यूथ क्लब, रेजिलिएंस सेवा फाउंडेशन की युवा स्वयंसेवी शाखा है, जो युवाओं को सामुदायिक विकास, जनजागरूकता, सामाजिक सेवा एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहभागी बनाने के लिए कार्य करती है। उन्होंने बताया है कि क्लब समय – समय पर लोगों को स्वास्थ्य , शिक्षा , नैतिक शिक्षा , अनुशासन और व्यवहारिक ज्ञान के विषय में जागरूक करता रहता है । बच्चों को भी उनके अधिकार और कर्तव्यों से भी परिचित कराना संस्था का मुख्य उद्देश्य है ।



