उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

मधुर शहनाई का साथ दीजिए, बुलडोजर राज को मात दीजिए : आराधना मिश्रा

लखनऊ : भाजपा का निर्लज्ज निर्मम बेहया बुलडोजर, अब भारतीय संगीत की सांस्कृतिक विरासत की तरफ़ अपना रुख़ मोड़ चुका है ।

भाजपा की अराजकता का प्रतीक हज़ार संवेदनाओं की मौत के बाद जन्मा ये बुलडोजर अबतक गरीबों की झोपड़ियों को मंदिर मस्जिदों को बेबस मजलूमों को निशाना बनाता था अब ये बेरहमी से भारत रत्न बिस्मिल्लाह ख़ाँ साहब के घर को रौंद रहा हैं ।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि शहनाई सम्राट उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ साहब को यह दुर्लभ गौरव प्राप्त है कि उन्हें तीनों पद्म पुरस्कारों, पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण, के साथ-साथ देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी नवाज़ा गया। फिर भी इतनी असाधारण विरासत भी वाराणसी में उनके पुश्तैनी घर को बुलडोज़र से नहीं बचा सकी।

उन्होंने कहा कि बिस्मिल्लाह ख़ाँ साहब का घर सिर्फ़ एक मकान नहीं था। वह हमारी राष्ट्रीय धरोहर का जीता-जागता हिस्सा था, यादों का ख़ज़ाना था और हमारी साझी सांस्कृतिक विरासत का अंग था। जिन दीवारों में इतिहास बसा था और जिन्हें राष्ट्रीय धरोहर की तरह सहेजा जाना चाहिए था, वे आज मलबे में बदल दी गई हैं।

श्रीमती मिश्रा ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ साहब ने भारत को ऐसी संगीत विरासत दी जो पीढ़ियों तक अमर रहेगी। उनकी शहनाई काशी की गंगा-जमुनी तहज़ीब की आवाज़ थी। उनके घर को भी उसी श्रद्धा और सम्मान का हक़ था।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को इस कृत्य के लिए समूचे देश से क्षमा मांगनी चाहिए। साथ ही भाजपा सरकार को बिस्मिल्लाह ख़ाँ साहब की विरासत को उसी स्वरूप में सहेज कर रखना चाहिए, जिस स्वरूप में वे वहाँ रहा करते थे।

बिस्मिल्लाह ख़ाँ साहब को शत-शत नमन। भाजपा को शर्म आनी चाहिए।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button