दल सिंह सराय कला समारोह में लखनऊ के तीन कलाकार होंगे सम्मानित
वरिष्ठ वाश चित्रकार राजेंद्र प्रसाद को ‘प्रबुद्ध सम्मान’ तथा भूपेंद्र कुमार अस्थाना एवं राघवेंद्र प्रताप सिंह को मिलेगा ‘कला रत्न सम्मान’

लखनऊ। बिहार के समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में 1 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले सृजनोत्सव कला समारोह में लखनऊ के तीन कलाकार सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ वाश चित्रकार राजेंद्र प्रसाद को ‘प्रबुद्ध सम्मान’ तथा चित्रकार एवं कला क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना और कथक नृत्यांगन राघवेंद्र प्रताप सिंह को ‘कला रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। तीनों कलाकारों को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन विजुअल आर्ट फाउंडेशन द्वारा 16वें शारदीय नवरात्र महोत्सव 2026 के अंतर्गत किया जा रहा है। फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं कलाकार मो. सुलेमान ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महोत्सव में देशभर से कला, फिल्म, नृत्य, साहित्य और संगीत जगत से जुड़ी सैकड़ों हस्तियां एवं कलाकार शामिल होंगे।
एक दिवसीय यह समारोह दलसिंहसराय स्थित अनन्या रेसिडेंसी में आयोजित होगा। इस अवसर पर अंतरजिला स्तरीय शारदीय नवरात्र महोत्सव 2026 में सहभागी दुर्गा पूजा समितियों एवं कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव से जुड़ी पूजा समितियों के उत्साहवर्धन के लिए सम्मान समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 2 नवंबर को कला कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए चित्रकार एवं कलाकार सामूहिक रूप से अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति को साकार करेंगे। कार्यशाला के दौरान कलाकार रेखांकन एवं चित्रकला के माध्यम से अपनी रचनात्मक कृतियों का सृजन करेंगे।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दुर्गा पूजा समितियों, कृष्ण जन्माष्टमी पूजा समितियों, मूर्तिकारों एवं पुरोहितों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचने वाले राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिलब्ध चित्रकारों, मूर्तिकारों, कला समीक्षकों, अभिनेताओं तथा सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
यह आयोजन कला, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता के विविध आयामों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ देशभर के कलाकारों एवं सांस्कृतिक हस्तियों के पारस्परिक संवाद, रचनात्मक आदान-प्रदान और सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।


