गुरु हरिकिशन जी का जीवन हमें सिखाता है कि उम्र छोटी हो सकती है, पर सेवा और धर्म के लिए समर्पण सबसे बड़ा होता है : हर्ष मल्होत्रा
श्री गुरू हरिकिशन महाराज के गुरपर्व पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में माथा टेका

नई दिल्ली : सिख समाज के आठवें गुरू श्री हरिकिशन महाराज के गुरपर्व (जन्म जयंती) पर केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में माथा टेक कर दिल्ली वासियों विशेषकर सिख समाज को शुभकामनाऐ दीं।
गुरुद्वारा कमेटी की ओर से आशीर्वाद सवरूप हर्ष मल्होत्रा को सरोपा एवं पुष्प हार भेंट किये गये।
उन्होने कहा की गुरु नानक देव जी के प्रकाश के बाद सिख पंथ को नई ऊंचाई देने वाले, बाल अवस्था में ही ज्ञान और करुणा की मूर्ति बने “बाल गुरु” श्री गुरु हरिकिशन साहिब जी की जन्म जयंती पर समस्त दिल्लीवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
मात्र 5 वर्ष की आयु में गुरु गद्दी संभालकर गुरु हरिकिशन जी ने सेवा, समर्पण और मानवता का जो आदर्श स्थापित किया, वह आज भी हमें प्रेरणा देता है।
दिल्ली में 1663 में महामारी के समय इसी गुरुद्वारा बंगला साहिब में रहकर अपनी जान की परवाह न कर पीड़ितों की सेवा करना और “बाबा बकाले” का संदेश देना, उनके त्याग और करुणा का प्रतीक है।
गुरु हरिकिशन जी का जीवन हमें सिखाता है कि उम्र छोटी हो सकती है, पर सेवा और धर्म के लिए समर्पण सबसे बड़ा होता है। आइए, इस पावन अवसर पर हम उनके दिखाए मार्ग – सेवा, समानता और भाईचारे – को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।



