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हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में “आप” कार्यालय पर दिल्ली भाजपा ने विराट प्रदर्शन किया गया

आप" का विरोध कर पंजाब के शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की और गिरफ्तारी दी

नई दिल्ली  : दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष  हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में आज आम आदमी पार्टी के राजनीति में दोहरे मानदंड़ो के विरोध में एवं पंजाब में हुए अनेक परिक्षा पेपर लीक मामलों में पंजाब के शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस की बर्खास्तगी की मांग को लेकर “आप” के कैनिंग लेन स्थित आफिस पर प्रदर्शन किया और कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। पुलिस मंदिर मार्ग थाने लेकर गई जहां से एक घंटे बाद चेतावनी देकर छोड़ा।

प्रदर्शन में सम्मिलित भाजपा नेताओं एवं पदाधिकारियों में प्रमुख थे सांसद  योगेन्द्र चाँदोलिया,  कमलजीत सहरावत, बाँसुरी स्वराज एवं स्वाति मालीवाल, प्रदेश महामंत्री  विष्णु मित्तल,  योगिता सिंह एवं मोहनलाल गिहारा, प्रदेश पदाधिकारी  प्रवीण शंकर कपूर,  राजेश भाटिया,  विजय सोलंकी,  सुनील यादव,  कैलाश जैन,  विक्रम बिधूड़ी,  गौरव खारी, डा. अनिल गुप्ता,  सोना कुमारी,  सारिका जैन, श्कौशल मिश्रा,  ऋचा पांडेय, कृष्ण देव सिंह सिंह,  अभिषेक टंडन, सरदार गुरमीत सिंह सूरा,  प्रवीणा शर्मा,  अर्चना गुप्ता  अमित गुप्ता,  लाजपत राय,  सी. एल. मीणा,  शुभेन्दू शेखर अवस्थी, अनीश अब्बासी आदि।

युवा मोर्चा, ओ.बी.सी. मोर्चा एवं पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्षों  रजत चौधरी,  संतोष पाल एवं  संतोष ओझा के नेतृत्व में तीनों मोर्चों के हजारों कार्यकर्ता प्रदर्शन में सम्मिलित हुए और गिरफ्तारी दी।

दिल्ली भाजपा के महामंत्री  विष्णु मित्तल ने प्रदर्शन का संचालन किया और कहा देश की जनता एवं युवा सब ही पंजाब में पेपर लीक पर अरविंद केजरीवाल की पहले चुप्पी फिर पेपर लीक नाकारने के प्रयास से स्तब्ध हैं और केजरीवाल का दोहरा चरित्र पहचान गये हैं।

आम आदमी पार्टी कार्यालय पर हुए प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि आज हम यहां आम आदमी पार्टी के दोहरे चरित्र और दोहरी राजनीति को बेनकाब करने आए हैं।

केंद्र में जब पेपर लीक का मुद्दा आया तो “आप” ने सबसे पहले सड़क जाम की, हंगामा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने नैतिकता का भाषण दिया, जवाबदेही का ढिंढोरा पीटा।

लेकिन मैं पूछता हूं “आप” से – पंजाब में पिछले 4.5 साल में क्या हुआ ?

पंजाब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट लीक हुआ। 12वीं का अंग्रेजी का पेपर लीक हुआ। फार्मेसी ऑफिसर और PSSSB की भर्ती का पेपर लीक हुआ।

हजारों बच्चों का भविष्य दांव पर लगा और जिम्मेदार कौन है ? जिम्मेदार हैं पंजाब के शिक्षा मंत्री *हरजोत सिंह बैंस*।

केंद्र में नैतिकता मांगने वाली “आप”, पंजाब में आते ही चुप क्यों हो जाती है ? अरविंद केजरीवाल जी, आपने कहा था “पेपर लीक हुआ तो इस्तीफा ले लेंगे”। तो पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब ?

यह दोहरा मापदंड क्यों ? दिल्ली में राजनीति और पंजाब में मिलीभगत ? बच्चों के साथ खिलवाड़ करने वाले मंत्री को बचाना क्या यही “कट्टर ईमानदार” पार्टी का असली चेहरा है ?

श्री मल्होत्रा ने कहा की *”केंद्र में इस्तीफा, पंजाब में संरक्षण – यही है “आप” का दोहरा चरित्र।”*

भाजपा मांग करती है – तुरंत हरजोत सिंह बैंस को बर्खास्त करो। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करो। और पंजाब के 30 लाख छात्रों से माफी मांगो।

“आप” ने पंजाब को “शिक्षा क्रांति” के नाम पर “पेपर लीक क्रांति” बना दिया है।

हम चेतावनी देते हैं – जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, भाजपा का यह संघर्ष जारी रहेगा।

देश के किसी राज्य के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।

सांसद श्री योगेन्द्र चंदोलिया ने कहा कि लोकसभा में जब इस पेपर लीक को लेकर चर्चा करने की बात कही गई तो विपक्ष किसी भी प्रकार से तैयार नहीं हुआ और उल्टा प्रधानमंत्री जी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने लगा लेकिन पंजाब में पेपर लीक को लेकर ना तो विपक्ष की जुबान चली और ना ही शिक्षा क्रांति की बड़ी बड़ी बातें करने वाले अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ही कुछ बोल पाए हैं। उल्टा सोशल मीडिया पर आप सब ने देखा कि पेपर लीक के बहाने किस प्रकार की अश्लि शब्दों का इस्तेमाल देश के प्रधानमंत्री के लिए किया गया जिसका भाजपा पुरजोर विरोध करती है।

सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि पंजाब में पिछले चार सालों के अंदर छात्र पीड़ित महसूस कर रहे हैं क्योंकि चार सालों में 5 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी है, लेकिन पंजाब की सरकार उसे इंकार कर रही है। अब अगर कोई सरकार अपनी गलतियों को माने तब ही उसमें सुधार की गुंजाइश होने की संभावना हो सकती है लेकिन पंजाब सरकार के इंकार करने के बाद आज दिल्ली में युवा आम आदमी पार्टी के कार्यालय का घेराव करने आए हैं।

सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि फॉर्मेसी एग्जाम के पेपर कॉम्प्रमाइज हुआ हैं लेकिन इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी दोगली नीति अपना रही है। ज नरेन्द्र मोदी की केन्द्र सरकार एक कानून लेकर आई जिसके माध्यम से एंटी पेपर लीक को रोकने और सज़ा को बढ़ाने का प्रावधान था तब विपक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया व्यवधान डाला और दूसरी तरफ पंजाब पेपर लीक में आम आदमी पार्टी चुप्पी साधे हुए हैं यह दोहरी नीति नहीं चलेगी और पंजाब के शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना ही पड़ेगा।

राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पेपर लीक मामले में पूरी तरह से एक्सपोज हो चुके हैं। इन्हीं की बनाई हुई कॉक्रोच जनता पार्टी है, जिसमें इनके लोग थे और आम आदमी पार्टी की ही फंडिंग थी लेकिन आखिर क्यों अरविंद केजरीवाल पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अभी तक नहीं ले पाए हैं।

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