13 जिलों के युवाओं के भविष्य से जुड़े अमेठी के सेना भर्ती कार्यालय को बचाने के लिए सांसद किशोरी लाल शर्मा सक्रिय, संसद में मुद्दा उठाकर रक्षा मंत्री को लिखा पत्र

अमेठी : अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने अमेठी स्थित सेना भर्ती कार्यालय (Army Recruitment Office – ARO) के प्रस्तावित स्थानांतरण के विषय को गंभीर जनहित का मुद्दा बताते हुए लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत उठाया। साथ ही उन्होंने इस संबंध में रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर इस कार्यालय की महत्ता और आवश्यकता से अवगत कराया तथा इसे अमेठी से अयोध्या स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव को निरस्त करने का अनुरोध किया।
लोकसभा सचिवालय में प्रस्तुत अपने वक्तव्य में सांसद ने स्पष्ट किया कि अमेठी स्थित सेना भर्ती कार्यालय क्षेत्र के युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कार्यालय भर्ती रैलियों, दस्तावेज़ीकरण, चिकित्सा परीक्षण एवं मार्गदर्शन जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से भारतीय सेना में भर्ती को सुगम बनाता है और हजारों युवाओं को अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि अमेठी एवं आसपास के क्षेत्रों की एक लंबी परंपरा रही है, जहाँ से बड़ी संख्या में युवा सशस्त्र बलों में सेवा देते रहे हैं। इस भर्ती कार्यालय की स्थानीय उपस्थिति के कारण अमेठी, सुल्तानपुर, रायबरेली सहित आसपास के जिलों के युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में आसानी होती है।
सांसद ने यह भी कहा कि यदि इस कार्यालय को अमेठी से हटाया जाता है, तो क्षेत्र के अभ्यर्थियों को अन्य भर्ती केंद्रों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे आर्थिक बोझ और व्यवस्थागत कठिनाइयाँ बढ़ेंगी। विशेष रूप से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और कई योग्य अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से वंचित भी हो सकते हैं।
रक्षा मंत्री को लिखे अपने पत्र में सांसद ने उल्लेख किया कि वर्ष 1988 में अमेठी में इस सेना भर्ती कार्यालय की स्थापना की गई थी, जिसके अंतर्गत अमेठी, रायबरेली, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, कौशांबी, बस्ती, संतकबीरनगर, श्रावस्ती, बाराबंकी, प्रतापगढ़, प्रयागराज एवं कुशीनगर सहित कुल 13 जनपद आते हैं।
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि क्षेत्र भ्रमण एवं जनसंपर्क के दौरान उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा इस कार्यालय को अमेठी से अयोध्या स्थानांतरित किए जाने की जानकारी मिली, जिससे क्षेत्र के युवाओं में चिंता और असंतोष व्याप्त है।
सांसद ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि इस सेना भर्ती कार्यालय के माध्यम से अब तक हजारों युवाओं को रोजगार एवं भारतीय सेना में सेवा का अवसर मिला है, इसलिए इसका स्थानांतरण उचित नहीं है। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि अमेठी स्थित सेना भर्ती कार्यालय के अयोध्या स्थानांतरण के आदेश को निरस्त करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए।
अंततः सांसद किशोरी लाल शर्मा ने केंद्र सरकार से अपेक्षा की है कि क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों, युवाओं की भागीदारी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए अमेठी में सेना भर्ती कार्यालय को यथावत बनाए रखा जाए।



