तौक़ीर फरहत के नेतृत्व में किसान यूनियन ने ACP को सौंपा ज्ञापन,
मलिहाबाद में भ्रष्टाचार और पुलिस-प्रधान गठजोड़ के खिलाफ़ किसान यूनियन का बिगुल

लखनऊ। मलिहाबाद की फल पट्टी को अवैध प्लॉट पट्टी में बदलने की यह दास्तान अब सिर्फ़ अवैध प्लाटिंग तक सीमित नहीं रही है। यह सरकारी तंत्र और खाकी के बीच पनपे एक विषैले गठजोड़ की कहानी बन गई है, जिसने किसानों का जीना मुहाल कर दिया है।
आरोप है कि ग्राम पंचायत जिन्दौर भ्रष्टाचार का आदर्श मॉडल बन गया है, जहाँ ग्राम प्रधान की दबंगई को चौकी इंचार्ज जैदी का खुला संरक्षण प्राप्त है। इस ‘युगलबंदी’ पर खुलेआम किसानों की ज़मीन पर डाका डालने और सरकारी योजनाओं का मज़ाक उड़ाने का गंभीर आरोप है। स्थिति इतनी विकट है कि रहीमाबाद पुलिस की मिलीभगत से हो रहा यह उत्पीड़न, किसानों को अपनी ही ज़मीन पर बेगाना बना रहा है।
इस विकसित भ्रष्टाचार और उत्पीड़न पर लगाम लगाने के लिए, भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने मोर्चा संभाल लिया है। एससीआर महासचिव श्री तौक़ीर फरहत अपने पदाधिकारियों के साथ खड़े हुए और ACP मलिहाबाद को न केवल ज्ञापन सौंपा, बल्कि दो-टूक चेतावनी भी दी।
फरहत ने स्पष्ट किया कि अगर इस भ्रष्टाचार की लिस्ट में शामिल प्रधान और पुलिस कर्मियों पर जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो मलिहाबाद की गलियों में एक विशाल आंदोलन खड़ा होगा।
यह शिकायत मात्र नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है जहाँ न्याय के रखवाले ही लुटेरों के साथी बन जाते हैं। किसान यूनियन ने साफ कर दिया है, अब मलिहाबाद के किसानों को यह ‘तमाशा देखना मंज़ूर नहीं।
इस मौके पर एससीआर महासचिव श्री तौक़ीर फरहत के साथ तहसील महासचिव बुद्धिलाल रावत, ब्लॉक अध्यक्ष मलिहाबाद ओमप्रकाश रावत, तहसील उपाध्यक्ष इस्लाम, ब्लॉक सचिव अयोध्या प्रसाद, ब्लॉक संगठन मंत्री रंजीत मौर्या, महानगर महासचिव शाह आलम, महानगर सचिव मोहम्मद उमर वा तहसील एवं ब्लाक के समस्त पदाधिकारी मौजूद रहे।



