फुजीफिल्म इंडिया और उपासना कामिनेनी कोनिडेला ने मिलकर ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के लिए सीएसआर कैंपेन लॉन्च किया

लखनऊ : हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी में एक बड़ा नाम, फुजीफिल्म इंडिया ने अपना नया सीएसआर कैंपेन ‘फाइंड इट अर्ली, फाइट इट अर्ली’ लॉन्च किया है। इस पहल की शुरुआत अपोलो हॉस्पिटल्स की सीएसआर वाइस प्रेसिडेंट, उपासना कामिनेनी कोनिडेला की मौजूदगी में हुई। इस कैंपेन का मकसद ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरूकता फैलाना है, खासकर उन इलाकों में जहां महिलाओं की हेल्थ से जुड़ी बातों पर आज भी लोग खुलकर बात करने से हिचकिचाते हैं।
यह अवेयरनेस कैंपेन देश भर के 24 शहरों में चलाया जाएगा, जिसका टारगेट 1.5 लाख से ज़्यादा महिलाओं तक पहुंचना है। कैंपेन में कम्युनिटी एंगेजमेंट, हेल्थ रिस्क असेसमेंट और ट्रेंड फील्ड एजुकेटर्स द्वारा जागरूकता बढ़ाने वाली एक्टिविटीज़ शामिल होंगी। इस प्रोग्राम को अपोलो फाउंडेशन के ज़रिए लागू किया जा रहा है और यह फुजीफिल्म इंडिया की एक जागरूक और हेल्दी समाज बनाने की कमिटमेंट को दिखाता है।
इंडिया में ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे कॉमन कैंसर है। आईसीएमआर के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के मुताबिक, महिलाओं में होने वाले सभी कैंसर मामलों में से यह लगभग 14% है और हर 29 में से 1 महिला को अपनी ज़िंदगी में यह बीमारी होने का खतरा हो सकता है। बदकिस्मती से, ज़्यादातर मामलों का पता बहुत देर से चलता है क्योंकि लोगों में अवेयरनेस की कमी है और समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ‘फाइंड इट अर्ली, फाइट इट अर्ली’ जैसी पहल इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए बनाई गई है, ताकि कम्युनिटी लेवल पर सही और कल्चरली सेंसिटिव जानकारी पहुंचाई जा सके।
उपासना कामिनेनी कोनिडेला ने कहा कि “एक हेल्थकेयर लीडर के तौर पर हमारी ज़िम्मेदारी सिर्फ बीमारियों का इलाज करना ही नहीं, बल्कि अवेयरनेस, एजुकेशन और समय पर पहुंच के ज़रिए उन्हें पहचानना और रोकना भी है। ब्रेस्ट कैंसर आज भी जानें ले रहा है क्योंकि बहुत सी महिलाओं के पास ज़रूरी जानकारी और रिसोर्सेस नहीं हैं। फुजीफिल्म इंडिया की यह पहल एक गहरी समझ और ज़मीनी स्तर पर असर पैदा करने की कमिटमेंट को दिखाती है।”
कोजी वाडा, मैनेजिंग डायरेक्टर, फुजीफिल्म इंडिया ने कहा, कि फुजीफिल्म इंडिया में, हम ऐसे इनोवेशंस और सॉल्यूशंस देने के लिए कमिटेड हैं जो हमारे ग्रुप के मकसद ‘गिविंग अवर वर्ल्ड मोर स्माइल्स’ को दर्शाते हैं। इस सीएसआर कैंपेन के ज़रिए, हमारा लक्ष्य ब्रेस्ट कैंसर को लेकर अवेयरनेस बढ़ाना और समय पर इसकी पहचान को मुमकिन बनाना है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा जानें बचाई जा सकें।”



