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सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में संपन्न हुआ 5वां अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव और पुरस्कार समारोह

सिडनी, (ऑस्ट्रेलिया) हिंदी अकादमी, मुंबई तथा इंडियन लिटरेरी एंड आर्ट्स सोसाइटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया (ILASA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “5वां अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक कार्यक्रम तथा सम्मान समारोह” सिडनी के जुबली हॉल, पार्लियामेंट हाउस में 07 मई 2025 को संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिडनी की संसद जूलिया फिन तथा प्रमुख अतिथि के रूप में सांसद वॉरेन कोवे उपस्थित थे। इस समारोह का उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच साहित्यिक संबंधों को मजबूत करना और हिंदी भाषा, साहित्य और सामुदायिक सेवा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित व्यक्तियों को सम्मानित करना था।

समारोह की शुरुआत रेखा राजवंशी द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं परिचय से हुई। इसके पश्चात नमिता पाठक ने वंदना प्रस्तुत की तथा डॉ. प्रमोद पाण्डेय द्वारा कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत की गई।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सिडनी की सांसद  जूलिया फिन ने अपने वक्तव्य में कहा कि “मैं आज इस अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जुड़कर गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ।

इस अवसर पर तीन पुस्तकों- डॉ. प्रमोद पांडेय द्वारा संपादित “प्रवासी साहित्य: संवेदना और शिल्प”, देवेंद्र धर द्वारा लिखित “सुबकते पन्नों पर बहस” और “लुटते जनमत की आवाज” तथा डॉ. जयंत शर्मा द्वारा लिखित “ई-गवर्नेंस” का लोकार्पण किया गया।

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो. कमलेश कुमारी ने मुख्य भाषण दिया, जिसमें प्रवासी लेखन के महत्व और महिला हिंदी लेखकों के वैश्विक योगदान पर प्रकाश डाला गया, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई लेखिका रेखा राजवंशी के काम पर विशेष ध्यान दिया गया। सांसद जूलिया फिन ने सामाजिक विकास में भाषा और साहित्य के महत्व पर जोर दिया। सांसद वारेन किर्बी ने जुबली रूम के ऐतिहासिक महत्व पर विचार किया, जबकि सांसद स्टीफन बाली ने ऑस्ट्रेलिया में बहुसांस्कृतिक एकीकरण के मूल्य को रेखांकित किया। हिंदी अकादमी मुंबई के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रमोद पांडेय अपनी टीम के साथ भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई हिंदी लेखकों के बीच साहित्यिक संबंध को बढ़ावा देने और भाषा, साहित्य और सामुदायिक सेवा के प्रचार में उनके अटूट योगदान के लिए ऑस्ट्रेलिया भर में प्रवासी समुदाय के सदस्यों को सम्मानित करने के लिए भारत से आए थे। पुरस्कार प्राप्त करने वाले साहित्यकारों में शिक्षण के माध्यम से भाषा का प्रचार: माला मेहता ओएएम (आईएबीबीवी हिंदी स्कूल), संतोष गुप्ता (हिंदी स्कूल कैनबरा), मधुलिका रॉय (एसएएए हिंदी स्कूल, सिडनी) थे।
साहित्य के लिए डॉ. शैलजा चतुर्वेदी ओएएम, अनिल वर्मा, अनु शिवराम, मृणाल शर्मा, अभिषेक टोंगिया, डॉ. जयंत शर्मा (भारत), देविंदर धर (भारत) थे। हिंदी मीडिया: प्रीति जब्बल (एसबीएस हिंदी रेडियो), चार्ल्स थॉमसन (टीवी और फिल्म व्यक्तित्व) रहे। सामुदायिक कार्य के लिए शुभा कुमार (इंडिया क्लब), सीएलआर बारबरा वार्ड, अरुणा चंद्राला, राजीव चौधरी (फिल्म निर्माता और सामुदायिक कार्यकर्ता), डेविड टाउनसेंड (हिंदी उत्साही) को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय हिंदी कवियों द्वारा कविता पाठ विनय शील चतुर्वेदी, डॉ. देवेन्द्र धर, प्रो. आर. पी. द्वारा किया गया। साहित्य और पुस्तकों पर केंद्रित कार्यक्रम सांस्कृतिक आदान-प्रदान के शक्तिशाली साधन के रूप में काम करते हैं, कहानियों, मूल्यों आदि को सक्षम बनाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर, ILASA की संस्थापक रेखा राजवंशी ने सभी को उनकी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया, सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और संसद भवन में इस यादगार कार्यक्रम की मेजबानी के लिए सांसद जूलिया फिन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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