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कन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इण्डिया ट्रेडर्स के बैनर तले नेशनल कांफ्रेंस 16 मई को दिल्ली में

दुश्मन देश के सहयोगी देशो को आर्थिक नुकसान पहुंचाएंगे भारत के व्यापारी : संजय गुप्ता

लखनऊ : कन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के बैनर तले कल 16 मई, शुक्रवार को दिल्ली के” द ललित होटल” में नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया है। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष एवं कैट के राष्ट्रीय संगठन मंत्री (उत्तर भारत )संजय गुप्ता ने बताया इस कॉन्फ्रेंस में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के शीर्ष व्यापारी नेता शामिल होंगे तथा नेशनल कॉन्फ्रेंस में तुर्की,अजरबैजान द्वारा पाकिस्तान को खुलकर समर्थन दिए जाने के विषय पर इन देशों के साथ व्यापार न किए जाने तथा इन देशों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए इनके बायकाट का निर्णय लेते हुए आर्थिक चोट पहुंचाने का रोड मैप तैयार किया जाएगा।

जिसमें पाकिस्तान का समर्थन करने के कारण तुर्की एवं अजरबेजान के साथ व्यापारियों द्वारा सभी वस्तुओं का आयात-निर्यात व्यापार बंद किए जाने पर निर्णय लिया जाएगा.
नेशनल कॉन्फ्रेंस में विदेशी ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा भारत के रिटेल व्यापार को हड़पने की सुनयोजित साजिश के ख़िलाफ़ भी बड़े निर्णय लिए जाएँगे।*
व्यापारी नेता संजय गुप्ता ने कहा दुश्मन देश का साथ देने वाले देशों को भारत के व्यापारी दुश्मन देश के रूप में लेते हुए अधिक से अधिक आर्थिक नुकसान पहुंचाने की तैयारी करेंगे। ताकि भविष्य में कोई पाकिस्तान का सहयोग करने की हिम्मत न कर सके.

कैट के राष्ट्रीय संगठन मंत्री (उत्तर भारत) एवं उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2024 से लेकर फरवरी 2025 के अप्रैल के बीच भारत का तुर्की को निर्यात 5.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 6.65 अरब अमेरिकी डॉलर था जबकि इसी अवधि में भारत का तुर्की से आयात 2.84 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2023-24 में 3.78 अरब अमेरिकी डॉलर था।

इसी प्रकार इसी अवधि में अज़रबैजान को भारत का निर्यात केवल 86.07 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2023-24 में यह 89.67 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।दूसरी तरफ़ अज़रबैजान से भारत का आयात इसी समय के दौरान केवल 1.93 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2023-24 में 0.74 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।

व्यापारी नेता संजय गुप्ता ने बताया कि भारत से तुर्की को
रिफाइंड पेट्रोलियम, मोटर व्हीकल्स और पार्ट्स, स्टील, कैमिकल्स, दवाएं, कीमती पत्थर और वस्त्र सहित कई प्रमुख वस्तुएं निर्यात होती हैं जबकि तुर्की से भारत को
कच्चा पेट्रोलियम,मशीनरी, मार्बल, गोल्ड, फल, प्लास्टिक और वस्त्र आयात होते हैं।

भारत से अज़रबैजान को तंबाकू, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, दवाएं, सिरेमिक उत्पाद, अनाज आदि निर्यात होते हैं जबकि अज़रबैजान से भारत को प्रमुख रूप से खनिज तेल, केमिकल्स, कच्ची खालें, एल्यूमिनियम और कॉटन आदि आयात होते हैं।

संजय गुप्ता ने कहा कि व्यापारिक बहिष्कार के परिणामस्वरूप तुर्की को निर्यात में अरबों डॉलर के नुकसान के साथ-साथ घरेलू उद्योगों, जैसे स्टोन और माइनिंग, फर्नीचर, वस्त्र, और खाद्य प्रसंस्करण पर बड़ा असर होगा।

संजय गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि इन दोनों देशों का भारत के साथ व्यापार उनके लिए लाभकारी है और यदि भारतीय व्यापारी और उद्योगपति सामूहिक रूप से इन देशों का व्यापारिक बहिष्कार करते हैं, तो यह उन्हें आर्थिक रूप से झकझोर देगा और उन्हें भारत के खिलाफ खड़े होने की कीमत चुकानी पड़ेगी।

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