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प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिक वर्ग की उपेक्षा के मुद्दे को सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने किया रेखांकित

नोएडा : योगी सरकार के 8 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेक्टर- 33, नोएडा हॉट में जिलाधिकारी गौतम बुध नगर की अध्यक्षता में श्रम बंधु की बैठक आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी महोदय द्वारा सरकार की 8 वर्ष के उपलब्धियां को रेखांकित किया।

बैठक में उक्त मुद्दे पर बोलते हुए मजदूर संगठन सीटू गौतम बुध नगर के जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि सरकार की निश्चित रूप से कुछ उपलब्धियां हो सकती हैं लेकिन योगी सरकार के 8 साल के कार्यकाल में श्रमिकों की घोर उपेक्षा की गई है और श्रमिक उत्पीड़न व उनकी परेशानियों और बड़ी है, वर्ष 2014 के बाद से प्रदेश सरकार ने मजदूरों के वेतन का पुनरीक्षण नहीं किया है जबकि कई राज्यों में वेतन बढ़ोतरी की गई है, दिल्ली के मजदूरों का आज न्यूनतम वेतन ₹19000 के आसपास है वही दिल्ली से सटे नोएडा उत्तर प्रदेश के मजदूरों का न्यूनतम वेतन मात्र ₹10700 है क्या इतने कम वेतन में एक मजदूर अपनी जीविका चला सकता है, उन्होंने मांग करते हुए कहा कि न्यूनतम वेतन कम से कम ₹26000 प्रदेश सरकार घोषित करें। साथ ही उन्होंने श्रम कार्यालय व श्रम न्यायालय के कार्यालय में पर्याप्त स्थान का ना होने, अधिकारी व स्टाफ की कमी के कारण श्रमिकों और उद्योगपतियों को हो रही परेशानी को रेखांकित करते हुए उन्होंने मांग किया कि श्रम विभाग और श्रम न्यायालय के कार्यालय का स्थाई निर्माण किया जाए साथ ही कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने श्रमिकों के आवास की ज्वलंत समस्या पर बोलते हुए कहा कि आज तक प्रदेश सरकार व नोएडा प्राधिकरण द्वारा श्रमिकों के लिए कोई व्यापक स्कीम लॉन्च नहीं की गई है, उन्होंने मांग किया कि श्रमिकों के न्यूनतम वेतन को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों के लिए सस्ते आवास बनाकर दिए जाएं।
बैठक में सीटू जिला महासचिव रामसागर, एक्टू नेता अमर सिंह सहित के श्रमिक नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक में श्रम विभाग व अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी गण और उद्योगपतियों/ व्यापारियों के संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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