सीटू व जनवादी महिला समिति ने समस्त मातृशक्ति को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की दी बधाई

नोएडा : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सीटू व जनवादी महिला समिति द्वारा बरौला सेक्टर- 49, नोएडा पर आयोजित कार्यक्रम में सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने समस्त मातृशक्ति एवं देश/प्रदेश व जनपद वासियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई शुभकामनाएं दी। साथ ही इन्होंने बताया कि अब से 115 साल पहले हमारी पुरखिनों ने सड़कों पर निकलकर अपने अधिकारों के लिए आवाज़ बुलंद की थी। तब से अब तक पूरी दुनिया में महिलाओं ने तमाम लड़ाइयां लड़ीं भी और जीतीं भी.. इन्हीं लड़ाइयों के कारण औरतों को कुछ हद तक एक इंसान और एक नागरिक के रूप में पहचाना भी गया।
किंतु यह लड़ाई आज भी जारी है …
हमारे देश में वोट की राजनीति करने वालों ने चुनावों में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को समझते हुए उनको तमाम प्रलोभन भी दिए हैं किन्तु सही मायने में महिलाएं एक सम्मानजनक जीवन का हक़ पाने की लड़ाई आज भी लड़ रहीं हैं ।
भूख , ग़रीबी , मंहगाई और बेरोज़गारी ने महिलाओं की कमर तोड़ दी है वहीं हिंसा की वीभत्स घटनाओं ने उन्हें घर बाहर हर जगह असुरक्षित कर दिया है । उपभोक्तावादी संस्कृति ने औरत को भी एक “चीज़” के रूप में बदल दिया है । आये दिन अपनी बहन बेटियों पर बर्बर हिंसा की घटनाओं को लेकर हम खौफ में रहते हैं ।आज की सबसे भयानक तस्वीर है कि अपराधियों को भी उनकी जाति मज़हब और उनके राजनैतिक पक्ष के मुताबिक देखा जाता है । बलात्कार के अपराधी सज़ायाफ्ता बाबाओं का पैरोल पर जेल से बाहर आकर चुनाव प्रचार करना या प्रवचन करना जैसे एक आम बात होती जा रही है । एक ओर नई टेक्नोलॉजी से विकास के मापदंड तय हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर पाखंड और अंधविश्वास के दल-दल में महिलाओं को धकेलने की साजिश हो रही है । आजकल पाखंडी बाबाओं का धंधा खूब फल-फूल रहा है जिनकी सबसे आसान शिकार महिलाएं हैं जिन्हें भ्रमित कर उनकी बुनियादी मुद्दों की असली लड़ाई को ये बाबा कमज़ोर कर रहे हैं ।
धार्मिक आस्था हर व्यक्ति का अपना व्यक्तिगत अधिकार है किन्तु यदि यदि इस अधिकार का इस्तेमाल राजनैतिक लाभ लेने के लिए किया जाता है तो निश्चित रूप से फिर यह “धर्म “नहीं रह जाता है। उदाहरण के लिए एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व *कुंभ का* राजनैतिक लाभ लेने के लिए उसे इतना गौरवान्वित किया गया कि करोड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी और बदइंतजामी के चलते भगदड़ में जाने कितनी जानें गईं और नदी का पानी भी दूषित हो गया ।
यही षड्यंत्र हुक्मरानों द्वारा खेला जा रहा है जिसमें आम जनता धर्म की घुट्टी पीकर अपने असली मुद्दों को भूल जाये । जहां तक महिलाओं का सवाल है , उनके खिलाफ मनुवादी मानसिकता के लोगों द्वारा मनुवादी हमले और तेज़ हुए हैं । जिन लड़ाइयों को लड़कर महिलाओं ने जो कुछ भी हासिल किया था , उन्हें पुनः अंधेरी सुरंगों में फेंककर उन अधिकारों को छीनने की तैयारी चल रही है।
आइये ! हम सब मिलकर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के लिए एक सम्मानजनक जीवन की मांग करें ..
चाहे वह किसान या मज़दूर हो या फिर कामकाजी या गृहिणी हो ..
हमें चाहिए भूख , गरीबी , मंहगाई और बेरोज़गारी से छुटकारा ..
हमें चाहिए हिंसा से छुटकारा ..
हमें चाहिए अंधविश्वास के अंधेरों से छुटकारा ..
आइये इन अंधेरों से उजालों की ओर चलें …
जनवादी महिला समिति की जिलाध्यक्ष रेखा चौहान ने बताया कि कल 9 मार्च 2025 को जनवादी महिला समिति एवं सीटू के कार्यकर्ता सेक्टर- 8, नोएडा कार्यालय पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कामकाजी महिलाओं की समस्याओं/ उत्पीड़न पर विचार गोष्ठी/ बैठक का आयोजन किया जा रहा है. उक्त कार्यक्रम में सभी साथी, मित्रगण सादर आमंत्रित हैं।



