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श्री झुन्झुनू वाली दादी डोली उत्सव में उमड़ी भक्तों की अपार भीड़ 

धूमधाम से निकली 311 सौभाग्यवती महिलाओं की भव्य मंगल कलश यात्रा

लखनऊ। श्री झुन्झुनू वाली दादी जी मित्र मण्डल की ओर से श्री झुन्झुनू वाली दादी डोली उत्सव की शुरुआत रविवार को भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा महानगर स्थित श्री हनुमान मन्दिर से 311 सौभाग्यशाली महिलाओ द्वारा हाथों में मेंहदी सजाये, चुनरी की साड़ी में सजी महिलाएं सिर पर दादी नाम का कलश धारण किये जब निकली तो हर कोई देखते ही रह गया। जिधर कलश यात्रा निकली उधर दादी की जय जयकार हुई। यात्रा के स्वागत में जगह जगह पुष्प वर्षा हुई और साथ ही मंच से कलकत्ता से आये संजय शर्मा ने ‘‘दादी का दरबार सुहाना लगता है” “म्हारी मैया झुन्झुनू वाली थारी जग में शान निराली…’’ गाया तथा भजन गायक पवन मिश्रा ने “ओ पालन हारी, ओ मइया प्यारी, तुम्हरे बिन हमरा कोई नही” “तेरे जैसा कोई भी ना दादी, तू दीपक है हम सब है बाती…” भजन जब सुनाया तो भक्त दिनेश मेधदूत अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, महेश गर्ग, जया गर्ग, सतीश अग्रवाल, रूपेश अग्रवाल, अनुराग साहू, आशीष अग्रवाल, मोनी, शरद अग्रवाल झूमने लगें। वही अपराह्न एक बजे नारायणी मानस पाठ पूनम धानुका मोर भावपूर्ण मधुर वाणी में किया गया।

उत्सव में दो असहाय वर वधु का विवाह हुआ

मानस पाठ पूनम धानुका मोर ने भावपूर्ण मधुर वाणी से दो सौ इक्कावन से अधिक परिवारो ने एक साथ मंगल पाठ किया तो पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया इसी बीच श्री नारायणी चरित्र मानस पाठ के अध्याय चतुर्थ में दादी का विवाह का वर्णन के समय कमेटी ने दो असहाय वर वधु को पवित्र परिणय सूत्र में पिरोया।

311 सौभाग्यवती महिलाओं द्वारा मंगल कलश यात्रा

सोलह श्रृंगार किये लाल चुनड़ी धारण किए हाथो में कलश और श्री दादी के भजनों का गुणगान करते हुए 311 सौभाग्यवती महिलाए कलश यात्रा में सम्मिलित होकर सुबह ग्यारह बजे गाजे बाजे साथ पाँच रथ पर सवार बाल रुपी झांकी देखते ही बन रहा था।

 

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