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ज़िम्मेदारी के साथ ला रहे नवीनीकरण: कौशल आधारित गेमिंग के लिए ज़ूपी का दृष्टिकोण

लखनऊ : भारत 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने के पथ पर अग्रसर है, इस बीच ऑनलाईन गेमिंग सेक्टर अर्थव्यवस्था के विकास को गति प्रदान करने वाले मुख्य कारक के रूप में उभरा है। एक अनुमान के अनुसार 3.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर और 442 मिलियन गेमर्स के साथ यह चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेमिंग मार्केट है।

विकास को बढ़ावा देने वाले कई कारकों जैसे बेहतर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेट की बढ़ती पहुंच, किफ़ायती होते स्मार्टफोन आदि के चलते पिछले दशक के दौरान गेमिंग उद्योग तेज़ी से विकसित हुआ है, यहां तक कि महानगरों और टियर 1 शहरों के दायरे से बाहर भी गेमिंग की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ी है।

ज़ूपी कौशल -आधारित ऑनलाईन गेम्स में अग्रणी है, जो सबसे बड़े कौशल आधारित ऑनलाईन लूडो प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है। ज़ूपी का मानना है कि भारत के लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक गौरव को भी बरक़रार रखना मायने रखता है, और इसी के मद्देनज़र ज़ूपी भारतीय गेम्स को आधुनिक नवीनीकरण के साथ बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है।

भारत के पुराने बोर्ड गेम्स के प्रति लोगों के झुकाव को देखते हुए ज़ूपी ने अपने आप को न सिर्फ कैटेगरी क्रिएटर बल्कि मार्केट लीडर के रूप में भी स्थापित कर लिया है। ज़ूपी लुडो के विभिन्न वर्ज़न्स को गेमर्स ने खूब पसंद किया है। ऑनलाईन गेमिंग के विकास के साथ, ज़िम्मेदाराना गेमिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी महसूस की गई। उद्योग जगत में लीडर होने के नाते ज़ूपी ने गेमिंग की ज़िम्मेदाराना प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके लिए ज़ूपी प्लेटफॉर्म ने रिस्पॉन्सिबल गेमिंग मोड्यूल पेश किया, जिसमें यूज़र प्लेटफॉर्म पर खर्च किए जाने वाले पैसे और समय के लिए लिमिट सेट कर सकते हैं,

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