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नव अंशिका फाउण्डेशन 11 सितम्बर को देगी “गोल्डन गाला अवार्ड 2024”

बिग बॉस और एमटीवी रोडीज के विजेता आशुतोष कौशिक बनेंगे आकर्षण

लखनऊ। नव अंशिका फाउण्डेशन के पांचवे स्थापना दिवस के अवसर पर आगामी 11 सितम्बर को भव्य समारोह का आयोजन लखनऊ में किया जाएगा। समाजसेवी आक्सीजन मैंन राजेश जैसवाल संगीता जैसवाल, दबीर सिद्दीकी, फिल्म निर्देशक आशीष कश्यप, ए आर इंटरटेनमेंट के फाउंडर डारेक्टर अरविंद चित्रांश, डी डी कंपनी के निदेशक देश दीपक कश्यप और नीशू त्यागी, के द्वारा पोस्टर लांच किया गयाI

फाउण्डेशन की निर्देशिका नीशू त्यागी ने संवाददाताओं को बताया कि इस अवसर पर बिग बॉस और एमटीवी रोडीज के विजेता आशुतोष कौशिक इस समारोह के केन्द्रीय आकर्षण बनेंगे। समारोह में पहली बार “गोल्डन गाला अवार्ड 2024” का वितरण किया जाएगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को अलंकृत किया जाएगा। इसके साथ ही मीडिया के प्रतिष्ठित शख्सियतों को “कलम शक्ति सम्मान” से नवाजा भी जाएगा। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
आक्सीजन मैंन समाजसेवी और फाण्डेशन के संरक्षक राजेश जैसवाल ने बताया कि नव अंशिका फाण्डेशन बीते पांच वर्षों में लखनऊ ही नहीं प्रदेश स्तर पर लगातार सक्रिय है। महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित नव अंशिका फाउण्डेशन हर साल आठ मार्च को ही नहीं बल्कि पूरे मार्च महीने को “महिला माह” के रूप में मनाती हैं। इसमें हर सप्ताह एक आयोजन महिलाओं को समर्पित खास थीम पर आयोजित किया जाता है। इसके साथ ही फाउण्डेशन, “शक्तिस्वरूपा सम्मान” देकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अमूल्य योगदान देने वाली प्रेरक महिलाओं का अलंकरण भी कर रही है। फाउण्डेशन की ओर से, लखनऊ में आयोजित मिलेट्स महोत्सव से लेकर अयोध्या में हुए रामोत्सव तक में प्रभावी प्रस्तुतियां दी गई वहीं कुंभ और लखनऊ में हुए “भारत अंतरराष्ट्रीय मेगा ट्रेड फेयर” में भी सांस्कृतिक सराहनीय उपस्थिति दर्ज करवायी गई। इसके साथ ही फाउण्डेशन ने, भारतीय संस्कृति को प्रोत्साहित करते हुए तीज, होली, दीपावली, नवरात्र और दुर्गोत्सव में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सफलता पूर्वक आयोजन किया है। इसी क्रम में नव अंशिका फाउंडेशन की ओर से “गुलाल टेसुओं संग राम आएंगे” महोत्सव का आयोजन भी किया जा चुका है। कोरोना की वैश्विक विभीषिका के कठिन दौर में भी फाण्डेशन के कदम थमे नहीं। उस दौरान ऑनलाइन आयोजनों के माध्यम से घर-घर में महिलाओं और युवाओं का न केवल प्रदेश स्तरीय विशेषज्ञों के माध्यम से निशुल्क करियर के प्रति मार्गदर्शन प्रदान किया गया बल्कि विभिन्न त्योहारों से भी उन्हें जोड़ा गया। रंगकर्म की अलख जगाए रखते हुए “मिसेज आंटी का गड़बड़झाला”, “दी एक्सीडेंटल डेथ ऑफ़ एन अनार्किस्ट”, “पार्क” और “लाहौल विला कूवत” जैसे विभिन्न नाटकों का मंचन भी फाउण्डेशन की ओर से समय समय पर करवाया गया है। नीशू त्यागी के अनुसार अभी तो यह महज पड़ाव है मंजिल नहीं अभी तो बहुत दूरी तय करनी है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल से लेकर जनजागृति की दिशा में फाउण्डेशन लगातार कार्य करती रहेगी।

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