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कला के द्वारा बाघों को बचाने के लिए रणथंभौर में कला शिविर और प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ

वैश्विक स्तर पर बाघों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति आमजन में चेतना

रणथंभौर, सवाई माधोपुर  जयपुर आर्ट समिट, एस्ट्रल पाइप व राजस्थान टूरिज़म डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर बाघों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति आमजन में चेतना जागृत करने के उद्देश्य से 22 राष्ट्रीय स्तर के पेंटर्स द्वारा जीवन्त कलां शिविर एवं 18 राष्ट्रीय कलाकारों द्वारा बनाई गई बाघों की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी शुरू हुईं.

26 से 29 जुलाई तक होटल आरटीडीसी विनायक रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में चलने वाले अखिल भारतीय कलाशिविर व कला प्रदर्शनी का शुभारंभ राजस्थान पर्यटन सवाई माधोपुर के सहायक निदेशक मधुसूदन सिंह जाड़ावत ने दीप प्रज्वलित क किया ।

इस अवसर पर जयपुर आर्ट समिट के संस्थापक शैलेंद्र भट्ट, शिविर क्यूरेटर विजय कुमावत, प्रदर्शनी क्यूरेटर भूपेंद्र अस्थाना, लखनऊ बुक फेयर के संयोजक मनोज सिंह चंदेल सहित देश भर से आये सभी चित्रकार उपस्थित रहे।


शिविर और प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मधुसूदन सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। रणथंभौर में बाघों को देखने के लिए बहुतायत संख्या में लोग आते हैं जिससे यहाँ के पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। टाइगर और पर्यटन इस राज्य के महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सहायक निदेशक ने शिविर में आये सभी कलाकारों से मुलाकात की और उनके कृतियों की सराहना की साथ ही लखनऊ के चित्रकार भूपेंद्र अस्थाना द्वारा क्यूरेट की गई प्रदर्शनी जो बाघ के विभिन्न मुद्राओं और उसके जीवन पर आधारित बनी देश के 18 महत्वपूर्ण चित्रकारों की कृतियों का अवलोकन किया और प्रसंशा की।

उन्होंने जयपुर आर्ट समिट के संस्थापक और विजय कुमावत के इस प्रयास को भी सराहा। शिविर के क्यूरेटर विजय कुमावत ने कहा कि इस कला आयोजन के पोस्टर का विमोचन भी शुक्रवार को सवाई माधोपुर के जिला कलेक्टर खुशाल यादव ने किया।

उन्होंने आगे बताया कि इस चार दिवसीय कला शिविर के सभी कलाकार बाघों के संरक्षण को लेकर अपने अपने विचारों के साथ 2-2 कलाकृतियों का निर्माण करेंगे।

ज्ञातव्य हो कि इस शिविर और प्रदर्शनी की परिकल्पना उत्तर प्रदेश लखनऊ युवा चित्रकार, क्यूरेटर भूपेंद्र अस्थाना ने किया। राजस्थान के रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में दूसरी श्रृंखला की प्रदर्शनी साकार करने में शैलेन्द्र भट्ट और विजय कुमावत का महत्वपूर्ण योगदान है।

लखनऊ के भूपेंद्र अस्थाना ने बताया कि पिछले साल सेव टाइगर के 50 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ मेट्रो और लखनऊ बुक फेयर के संयुक्त तत्वावधान में हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर पहली बार प्रदर्शित किया गया था। जिसका अवलोकन हजारों की संख्या में आम जनमानस ने किया था।

इस प्रदर्शनी में देश के लगभग 9 राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, जमशेदपुर, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, उड़ीशा से 18 चित्रकारों के 18 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में कुल 8 चित्रकार उत्तर प्रदेश से अमित कुमार, संजय कुमार राज, सर्वेश पटेल, जितेंद्र कुमार, दीपेंद्र सिंह, राहुल शाक्या, श्रीयांशी सिंह, प्रशांत चौधरी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से हैं।

नई दिल्ली से अनूप कुमार चाँद, उमा शंकर पाठक, बिहार से अबधेश करन मधुबनी, मनोज कुमार हंसराज, जमशेदपुर से फरहाद हुसैन, झारखंड से संजय शर्मा, उड़ीसा, गोपाल समांतरे, छत्तीसगढ़ से ऋषभ राज, महाराष्ट्र से रामचंद्र खराटमल, राजस्थान से लाखन सिंह जट की भी कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है।

शिविर में दीपिका माली उदयपुर, राजकुमार शाक्यवाल सवाई माधोपुर, वीरांगना स्वामी मुम्बई,सुनील जांगिड बूंदी,रविकांत शर्मा जयपुर, अमित कल्ला जयपुर, विजय कुमावत सवाई माधोपुर, भूपेंद्र अस्थाना लखनऊ,अनामिका सिंह दिल्ली, दिलीप चंदोलिया दिल्ली, वेंडी जैस दिल्ली, प्रशांत ए वी दिल्ली, प्रतिमा श्रीवास्तव ग्वालियर, दीपेंद्र सिंह जालौन,हर्षित परिहार ग्वालियर, नवनीत सिंह भिंड,संजय राज हमीरपुर, सविता गुप्ता दिल्ली, सुरेश कुमार दिल्ली, अमिता खरे ग्वालियर, बीनू गुप्ता गुरुग्राम ने भाग लिया है।

जयपुर आर्ट समिट के संस्थापक शैलेन्द्र भट ने बताया कि कला शिविर के दौरान बनाई गई सभी बाघों की पेंटिंग्स को विश्व बाघ दिवस के अवसर पर आमजन के अवलोकनार्थ प्रदर्शित किया जाएगा।

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