पीएमयूएसएचए योजना से 100 करोड़ का अनुदान प्राप्त करने की विश्वविद्यालय की उपलब्धि के दृष्टिगत लखनऊ विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम किया गया
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार योगेन्द्र उपाध्याय थे

लखनऊ : प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA/पीएम उषा) का राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किया गया। एमईआरयू श्रेणी में पीएमयूएसएचए योजना से 100 करोड़ का अनुदान प्राप्त करने की विश्वविद्यालय की उपलब्धि के दृष्टिगत लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय हॉल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार योगेन्द्र उपाध्याय के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय और मानव विज्ञान विभाग से प्रोफेसर केया पांडे (कोऑर्डिनेटर पीएमऊषा), रजिस्ट्रार विनोद कुमार सिंह और प्रो-वाइस चांसलर अरविंद अवस्थी मंच पर उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत के साथ हुई, इसके बाद राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन हुआ। माननीय कुलपति ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने अपने संबोधन में लखनऊ विश्वविद्यालय टीम की सराहना करते हुए कहा कि निःसंदेह आपकी कड़ी मेहनत से इस विश्वविद्यालय ने नई ऊंचाइयां प्राप्त की हैं। उन्होंने यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल जी की प्रेरणा और गहरी रुचि के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने उच्च शिक्षा में यूपी की प्रगति पर प्रकाश डाला।
श्री उपाध्याय ने नई सरकार के तहत इन क्षेत्रों में यूपी की उत्कृष्टता की सराहना करते हुए शिक्षा और चिकित्सा के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने उच्च शिक्षा में इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताते हुए, लॉर्ड थॉमस मैकाले की विदेशी शिक्षा नीति के प्रतिस्थापन के रूप में एनईपी 2020 पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय सहायता उच्च शिक्षा संस्थानों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
श्री उपाध्याय ने कहा कि पीएम उषा कार्यक्रम का उद्देश्य बुनियादी ढांचे, अनुसंधान सुविधाओं और समग्र शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके विश्वविद्यालयों को उत्कृष्टता के केंद्रों में बदलना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संबंधी समस्त कार्यों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए धन की भी आवश्यकता होती है और हमारे मुख्यमंत्री जी और प्रधानमंत्री जी इस हेतु चिंता भी करते हैं और समाधान हेतु प्रयास भी करते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय इस पर्याप्त अनुदान का प्राप्तकर्ता होने पर सम्मानित महसूस कर रहा है, जिसका निस्संदेह शैक्षणिक समुदाय और क्षेत्र पर स्थायी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा मानव जीवन के लिए अति आवश्यक हैं। पहले उत्तर प्रदेश का आम नागरिक अच्छी शिक्षा से महरूम था किंतु अब शिक्षा की स्थिति बदली है, रैंकिंग में सबसे ज्यादा विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश ने दिए हैं। । उन्होंने हमारी प्राचीन संस्कृति और सभ्यता का जिक्र करते हुए कहा कि प्राचीन समय में हमारी शिक्षा उच्च कोटि की थी। हमें शानदार अतीत से प्रेरणा लेकर वर्तमान को संवारते हुए भविष्य को निखारना है।

कुलपति प्रोफेसर आलोक के. राय ने अपने संबोधन में इस परिणाम के लिए दीर्घकालिक कड़ी मेहनत को जिम्मेदार ठहराया और उच्च शिक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के बढ़ते कद पर प्रकाश डालते हुए उनके निरंतर समर्थन के लिए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने सभी को पीएम उषा योजना के बारे में परिचित कराया, जिसे पहले रूसा के नाम से जाना जाता था, जिसे एनईपी 2020 के बाद बदल दिया गया। लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपनी शैक्षणिक और अनुसंधान उत्कृष्टता के कारण एमईआरयू श्रेणी के तहत वित्त पोषण हासिल किया। उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों के सामने आने वाली वित्तीय चुनौतियों का भी उल्लेख किया। प्रो राय ने लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा 650 में से 585 अंकों के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त करने की उपलब्धि का जिक्र भी किया। उन्होंने श्री योगेन्द्र उपाध्याय एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएम उषा कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. केया पांडे ने स्वागत भाषण दिया तथा रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इसके बाद माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) का राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल लॉन्च कार्यक्रम को एक ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से देखा गया।



