अलीगढ़ का नाम बदल कर असफलताओं को ढाँपना चाहती है डबल इंजन सरकार: डा. गिरीश

अलीगढ़ : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य डा. गिरीश ने कहा कि जब भाजपा के पैरों तले से जमीन खिसकती है, वह विभाजनकारी एजेंडा लेकर सामने आती है। अब जबकि 5 राज्यों के चुनाव चल रहे है, अलीगढ़ का नाम बदलने की फायल झाड़- पौंछ कर निकाल ली गयी है।
मजे की बात है कि डबल इंजन की सरकारों की असफलताओं को ढाँपने का यह प्रयास सभ्यता और संस्कृति को बचाने के नाम पर किया जाता है। मैं उन्हें बता देना चाहता हूँ कि अलीगढ़ ही नहीं समस्त भारत की संस्कृति मेल-मिलाप और भाईचारे की है, घ्रणा और नफरत की नहीं- जिसको कि आरएसएस और भाजपा फैलाते रहते हैं। जिस नाम को भाजपा आगे बढ़ा रही है उसकी कोई एतिहासिकता नहीं। आरएसएस के वजूद में आने से पहले कोई इस नाम को जानता तक नहीं था।
अपने अलीगढ़ के एकदिनी प्रवास के दौरान भाकपा नेता ने बयान जारी कर कहा कि सच तो यह है कि भाजपा और उसकी सरकारें हर मोर्चे पर विफल हैं और महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और दीनतम हालात में पहुंच चुकी कानून व्यवस्था जैसे सवालों पर वे जनता का सामना नहीं कर पा रहे हैं। अतएव उन्होने नाम बदलने का यह दीमक लगा कवच ढूंढ कर निकाला है। इसे अलीगढ़ का जनमानस कई बार ठुकरा चुका है।
जनता यह भी भली प्रकार जानती है कि नाम बदलने से उसे कुछ हासिल नहीं होता। उलटे उसे काफी समय तक अनेकानेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकारी राजस्व जो जनता का ही धन है, का बड़ा भाग वेवजह व्यय हो जाता है।
डा. गिरीश ने कहा कि विकास और आपसी एकता के पक्षधर सभी नागरिकों को इसका विरोध करना चाहिए और ट्रिपल इंजन शासन को जनसवालों को हल करने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए।



