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सैमसंग ने सॉल्व फॉर टुमॉरो 2023 की टॉप 30 टीमों की घोषणा की

भारतीय इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी को मिलेगा आईआईटी दिल्ली और मेइटी स्टार्टअप हब से प्रशिक्षण

लखनऊ : सैमसंग इंडिया ने अपने यूथ एजुकेशन एवं इनोवेशन कॉम्पटीशन ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ की टॉप 30 टीमों की घोषणा कर दी है। सैमसंग ने इस प्रतियोगिता की शुरुआत देश के युवाओं के बीच आधुनिक सोच को विकसित करने और समस्या का समाधान करने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की है। इस प्रतियोगिता में 16-22 वर्ष के युवाओं की ओर से चार विषयों से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए आइडिया आमंत्रित किए हैं। इन चार विषयों में एजुकेशन एवं लर्निंग, हेल्थ एवं वैलनेस, एन्वायरमेंट एवं सस्टेनेबिलिटी और डायवर्सिटी एवं इनक्लूजन शामिल हैं। सॉल्व फॉर टुमॉरो 2023 में पूरे देश भर से टीमें शामिल हो रही हैं। इन टीमों ने भारत की विभिन्न समस्याओं के समाधान से जुड़े आइडिया पेश किए हैं। प्रतियोगिता को देश के 500 शहरों, कस्बों और गांवों के युवाओं की ओर से 70,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुए हैं। युवाओं की इतनी बड़ी संख्या भारत के इनोवेशन और उद्यमशीलता को लेकर बढ़ते जोश की एक झलक पेश करती है। इस सीएसआर प्रोग्राम के इस दूसरे साल के लिए, सैमसंग इंडिया ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) के स्टार्टअप हब और आईआईटी दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) के साथ साझेदारी की है।

प्रतियोगिता में शामिल टॉप 30 टीमों में से, 44% ने एजुकेशन एवं लर्निंग से जुड़े आइडिया पेश किए हैं। इसके अलावा 23% टीमों ने एन्वायरमेंट एवं सस्टेनेबिलिटी पर, 20% ने डायवर्सिटी एवं इनक्लूजन पर और 13% ने हेल्थ एवं वैलनेस पर अपने आइडिया पेश किए हैं। ये टीमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान, असम, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित भारत के 15 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश से हैं।

प्रतियोगिता की टॉप 30 टीमों के युवाओं ने समुद्र के जल को पीने योग्य पानी में बदलने, शराब पीकर गाड़ी चलाने, युवाओं के कौशल विकास, सौर पैनलों की दक्षता में सुधार और लापता बच्चों को खोजने जैसी वास्तविक दुनिया की गंभीर समस्याओं को हल करने के लिए अपने आइडिया प्रस्तुत किए हैं। उनके द्वारा पेश किए अन्य आइडिया में मासिक स्राव के रक्त के नमूनों की जांच कर महिलाओं में कई बीमारियों का जल्द पता लगाना भी शामिल था। इसके अलावा टीमों ने मानसिक स्वास्थ्य, भोजन की बर्बादी, फसलों में बीमारियों की पहचान, अनुचित कंटेंट से किशोरों की सुरक्षा, और STEM फील्ड में लिंग पूर्वाग्रह जैसी समस्याओं को हल करने से जुड़े आइडिया प्रस्तुत किए।

ह्यून किम, कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया ने कहा कि सैमसंग में, हम युवाओं की उन शक्तियों का उपयोग करने में विश्वास करते हैं जो अपने कौशल और क्षमताओं से समाज के अंदर बदलाव ला सकते हैं। हमारा फ्लैगशिप सीएसआर प्रोग्राम सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो देश के युवाओं के मन में इनोवेशन की भावना को जगाता है। हमें इस प्रतियोगिता के लिए प्राप्त हुए 70,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन से हम बेहद उत्साहित हैं। हमने जिन टॉप 30 टीमों का चयन किया है, वे प्रतियोगिता के अगले चरण में कदम रखेंगी। यहां हम यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि डिजिटल इंडिया को सशक्त बनाने में अपना योगदान करते हुए ये आइडिया आगे चलकर क्या आकार लेते हैं।”

प्रो. रंगन बनर्जी, डायरेक्टर, आईआईटी दिल्ली ने कहा, “हम सॉल्व फॉर टुमॉरो प्रोग्राम के साथ जुड़कर बेहद खुश हैं। देश भर से चुनी गई युवा टीमें भारत सहित विश्व की प्रमुख समस्याओं का अभिनव समाधान पेश करेंगी। इस तरह की पहल से भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और इसे मजबूत करने में मदद मिलेगी। हम इन युवा इनोवेटर्स को प्रशिक्षित करने और उनकी मदद करने को लेकर बहुत उत्साहित हैं।”

जीत  विजय, सीईओ, मेइटी स्टार्टअप हब ने कहा, “टॉप 30 टीमों और उनके आइडिया के भीतर सच में लोगों की जिंदगी बदलने की क्षमता है। गैर-मेट्रो शहरों के युवाओं को इस तरह के नए आइडिया पेश करते देखना मेरे लिए वास्तव में बेहद रोमांचक है। सैमसंग और सॉल्व फॉर टुमॉरो प्रोग्राम के साथ, हमें विश्वास हैं कि हम उनके आइडिया को जमीन पर उतारने और एक नए भारत का निर्माण करने के लिए उन्हें सही मार्गदर्शन और कौशल प्रदान करने में सक्षम होंगे।”

इन टॉप 30 टीमों को डिजाइन थिंकिंग और इनोवेशन पर ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी के साथ ही सैमसंग और उसके भागीदारों – आईआईटी दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और मेइटी स्टार्टअप हब द्वारा आईआईटी दिल्ली में एक आवासीय बूटकैंप में मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस बूट कैंप से प्रतिभागियों को अपने आइडिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

प्रतियोगिता में चुनी गईं इन टॉप 30 टीमों में से प्रत्येक को प्रारंभिक प्रोटोटाइप बनाने के लिए 20,000 रुपये भी मिलेंगे। इसके बाद उन्हें एफआईटीटी, आईआईटी दिल्ली और मेइटी स्टार्टअप हब के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में सैमसंग के युवा कर्मचारियों की एक जूरी के सामने अपने आइडिया पेश करने होंगे। यह ज्यूरी फिनाले के लिए टॉप 10 टीमों का चयन करेगी। इन टॉप 30 टीमों को बेंगलुरू में सैमसंग इंडिया के ऑफिस, इसके आरएंडडी सेंटर्स, डिजाइन सेंटर और सैमसंग ओपेरा हाउस का दौरा करने का भी मौका मिलेगा। यहां इन टीमों के सदस्य सैमसंग के कर्मचारियों और शोधकर्ताओं के साथ बातचीत कर सकेंगे। टॉप 30 टीमों के प्रत्येक सदस्य को पुरस्कार के रूप में सैमसंग गैलेक्सी बुक3 प्रो 360 लैपटॉप और गैलेक्सी बड्स2 प्रो के साथ बूटकैंप में भाग लेने के लिए एक प्रमाण पत्र मिलेगा।

सैमसंग के इस वार्षिक कार्यक्रम के अंत में तीन विजेताओं की घोषणा की जाएगी। यहां इन टीमों के पास 1.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और आकर्षक सैमसंग उत्पादों जीतने का मौका होगा। सॉल्व फॉर टुमॉरो प्रोग्राम सबसे पहले 2010 में अमेरिका में लॉन्च किया गया था। इस समय ये प्रोग्राम दुनिया भर के 63 देशों में , सॉल्व फॉर टुमॉरो प्रोग्राम सबसे पहले 2010 में अमेरिका में लॉन्च किया गया था। इस समय ये प्रोग्राम दुनिया भर के 63 देशों में चलरहा है। इस प्रतियोगिता में दुनिया भर के 2.3 मिलियन से अधिक युवा भाग ले चुके हैं।

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