ट्रेन दुर्घटना केन्द्र सरकार की रेलवे प्रबंधन व्यवस्था की घोर नाकामी:रामाशीष राय

लखनऊ । राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने उड़ीसा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे में अकाल मृत्यु का शिकार हुए सैकड़ों लोगों और हजारों की तादाद में घायलों के प्रति अपनी शोक संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह ट्रेन दुर्घटना केन्द्र सरकार की रेलवे प्रबंधन व्यवस्था की घोर नाकामी है। कोरोमंडल एक्सप्रेस हावड़ा यशवंतपुर एक्सप्रेस और मालगाडी का आपस में टकराना और बोगियों का एक दूसरे पर चढ़कर विपरीत दिशा में गिरना ट्रेनों की स्पीड के साथ साथ रेलवे कुप्रबन्धन का सबसे बड़ा प्रमाण है। एन0डी0आर0एफ0 की टीम को रात के अंधेरे में मोबाइल की टार्च से रेस्क्यू ऑपरेशन करना पड़ा जो यह दर्शाता है कि आस पास कहीं से भी रेलवे ने लाइट की व्यवस्था करने में भी लापरवाही का प्रदर्शन किया।
श्री राय ने कहा कि जिस देश में प्रधानमंत्री द्वारा बुलेट ट्रेन का सपना दिखाया गया हो वहां की रेलवे व्यवस्था इतनी निम्न स्तर की हो जाय कि आम जनता सफर करते समय सुरक्षा के प्रति चिंतित रहे यह विचारणीय विषय है। हजारों करोड़ रुपये रेलवे की लाइन और प्लेट फार्म के साथ साथ आधुनिक उपकरणों पर खर्च किया जा चुका है और परिणाम इस प्रकार का दर्दनाक मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि रेल मंत्री रेल के इंजन में बैठकर चलता है तो एक ही ट्रैक पर आने वाली दोनों ट्रेने सुरक्षा कवच के कारण कई मीटर दूर रूक जाती हैं और रेल मंत्री तथा केन्द्र सरकार का इवेंट मैनेजमेंट पूरा हो जाता है और देश की भोली भाली जनता मूर्ख बन जाती है। आखिर विकास का सच्चा स्वरूप वास्तविक धरातल पर कब दिखाई पड़ेगा? केन्द्र सरकार द्वारा आंकड़े प्रस्तुत किये जाते हैं कि व्यवस्था और विकास अनुकरणीय लगता है। लेकिन वास्तविकता ढाक के तीन पात होती है।
रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रेल मंत्री को नैतिकता के आधार पर अपना त्यागपत्र दे देना चाहिए और केन्द्र सरकार को मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख तथा घायलों को 5-5 लाख रूपये की मुआवजा धनराशि देने की घोषणा करनी चाहिए। साथ ही साथ रेलवे सुरक्षा कवच पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर विराम लग सके और जनता का सफर सुरक्षित एवं संशय हीन हो सके।



