ज्यादा स्मार्ट बच्चे वह होते हैं जो दूसरों के अनुभवों से सीख लेते हैं:सुधांशु त्रिवेदी

लखनऊ : राज्यसभा सांसद एवं भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक एवं महानगर अध्यक्ष एमएलसी मुकेश शर्मा ने चिल्ड्रैस एकेडमी, माल एवेन्यू में प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लिखित ‘एग्जाम वारियर्स’ पुस्तक में परीक्षा से पूर्व छात्रों के तनाव को दूर करने के लिए दर्शाए गए प्रोत्साहनों के उपायो के अनुसार ‘परीक्षा पर चर्चा’ के तहत माल एवेन्यू स्थित चिल्ड्रंस अकैडमी स्कूल में आयोजित आर्ट एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में सम्मिलित होंकर छात्रों को प्रोत्साहित किया।
सुधांशु त्रिवेदी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा जो बच्चे अपने अनुभवों से सीखने का प्रयास करते हैं वे जिंदगी में सीखते रह जाते हैं व सामान्य परिस्थिति में रहते हैं. ज्यादा स्मार्ट बच्चे वह होते हैं जो दूसरों के अनुभवों से सीख लेते हैं दूसरों का अर्थ है कि जो आपने माता , पिता व गुरु की5 अनुभव के आधार पर बताई गई बातों का अनुसरण करते हैं वह बहुत आगे जाते हैं। उन्होंने दो बच्चों का उदाहरण देते हुए समझाया की गर्म दूध का पतीला मां के मना करने पर छूने वाले बच्चे का हाथ जल जाता है व जो बच्चा मां के बताने पर गरम पतीला बिना छुए आगे बढ़ जाता है वह असुविधा से बचता है।अनुसरण करने की परंपरा हमारे यहां प्राचीन काल से है भगवान राम सुबह उठकर अपने माता-पिता व गुरु को प्रणाम करते थे। क्योंकि यह वह लोग हैं जो हमारे जीवन को सुधार सकते हैं।
तुलसीदास ने कहा है प्रात काल उठ के रघुनाथा मात-पिता गुरु ना वही माथा। सुधांशु त्रिवेदी ने बच्चों को किस प्रकार से चीजें याद रखी जाएं इसके बारे में विस्तार से बताया उन्होंने कहा कि व्यवस्थित ढंग से किसी भी चीज को याद किया जाए तो वह हमेशा याद रहती है। इतिहास को याद रखना है तो प्राचीन काल से आधुनिक काल तक या आधुनिक काल से प्राचीन काल तक व्यवस्थित ढंग से याद किया जाए तो याद हो जाता है नक्शे को देखकर लेफ्ट से राइट तक देशों की राजधानियों को याद करने में हमेशा सुविधा रहती है और साथ ही यह भी याद रहता है कौन सा देश किस देश के पास है। स्वामी विवेकानंद जी ने हमें शिक्षा दी कि हमें किस चीज की सूचना रखनी है और किस चीज की सूचना नहीं रखनी है। इंटरनेट के जमाने में हमें अपने दिमाग में सही सूचना को रखना है। हमेशा यह जान लेना चाहिए कि हमें क्या चीज याद रखनी है क्या नहीं याद रखनी है और किस रूप में याद रखनी है।
ब्रजेश पाठक ने बच्चों को समझाते हुए कहा कि हमें अपने शिक्षक से जब तक सवाल का आंसर ना मिल मिल जाए तब तक पूछते रहना चाहिए। उन्होंने कहा हमारे समय में हम लोग दरी में बैठकर पढ़ते थे खड़िया से लिखते थे पर आजकल के समय में स्मार्ट क्लास हो गई हैं आप लोगों को मेहनत से पढ़ना चाहिए। आप लोगों को अपने माता पिता को प्रणाम करना है व शिक्षकों की इज्जत माता पिता से भी अधिक करनी है क्योंकि हमें उनसे शिक्षा प्राप्त करनी है और जब तक गुरु प्रसन्न नहीं होगा तब तक हमें ज्ञान प्राप्त नहीं होगा।
मुकेश शर्मा ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री देश की इतनी बड़ी जिम्मेदारी वह देश को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं उसके साथ साथ देश के अन्य महत्वपूर्ण विषयों के साथ बच्चों के एग्जाम का जो प्रेशर होता है उसकी भी चिंता कर रहे हैं।
मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने बताया कि कार्यक्रम में 3 सर्वश्रेष्ठ विजेताओं में एसकेडी की जोशिता गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं समर विल की अपूर्वा मिश्रा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा ब्राइट चिल्ड्रेन एकेडमी की अंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त 10 बच्चों को श्रेष्ठ पुरूस्कार प्राप्त हुआ अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया उनकी सूची क्रमशः इस प्रकार है।
ज्योति प्रजापति ब्राइट फ्यूचर कॉन्वेंट स्कूल, निशा सुनार नवयुग पब्लिक स्कूल आलमबाग, हर्षित साहू क्रिएटिव कॉन्वेंट, मनीषा कुमारी सिटी कॉन्वेंट स्कूल हंसखेड़ा प्रियांशी यादव न्यू एरा, अनीश चिरंजीव भारती स्कूल,शीतल प्रजापति ब्राइट फ्यूचर कॉन्वेंट स्कूल,आदित्य कुमार कृष्णा पब्लिक स्कूल, अनुष्का पायनियर स्कूल, सुमित तिवारी एमडीएम स्कूल. कार्यक्रम संयोजक मनोज त्रिपाठी, इशांत शर्मा, एस. के. डी. ग्रुप के निदेशक मनीष सिंह , योगेन्द्र सचान कनर्ल, राजा प्रमिल चैधरी एवं राजेश मसीह मुख्य रूप से उपस्थित थे।



