उत्तर-प्रदेशबड़ी खबरलखनऊ
ट्रैफ़िकिंग किए गए बच्चों का चाइल्डलाइन, एएचटीयू ,एसएसबी व थाना चिनहट की टीम द्वारा किया गया रेस्क्यू

चेरिश टाइम्स न्यूज़
लखनऊ. चाइल्डलाइन लखनऊ को एस.एस.बी – एएचटीयू के प्रभारी मनोज कुमार शर्मा बेतिया रक्सौल बिहार द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि मोतीहारी बिहार के 10 से 12 बच्चों को बस से नई दिल्ली बाल श्रम करवाने के ले जाया जा रहा है । बस देर रात लखनऊ पहुंचेगी ।

चाइल्डलाइन द्वारा प्रभारी एएचटीयू लखनऊ अजय प्रकाश मिश्रा को सूचना दी गयी । तत्काल ही बच्चों को छुड़ाने का मसौदा फोन पर ही तैयार किया गया । एएचटीयू प्रभारी सहित चाइल्डलाइन लखनऊ निदेशक संगीता शर्मा ,केंद्र समन्वयक विवेक शर्मा और कृष्ण प्रताप शर्मा ,टीम सदस्य शिवम वर्मा ब्रजेश सिंह यादव साथ ही एएचटीयू (रक्सौल बिहार), मनोज कुमार शर्मा, थाना चिनहट के कृष्ण सिंह की संयुक्त टीम बस रुकाने मौके पर पहुंची । रात्रि मे लगभग 3 बजे जैसे ही चिन्हित बस चिनहट चौराहे के पहले एन . एच 24 ढाबा के पास दिखी उसे रोक कर तलाशी ली गयी । तलाशी में 11 बच्चे मिले जो कुछ संदिग्ध लोगों के साथ थे । सभी को बस से उतार लिया गया और बच्चों से पूछ- ताछ शुरू की ।

मालूम पड़ा कि जो व्यक्ति बच्चों को ले जा रहा है उनमें से कोई भी उनके माता –पिता या सगे –भाई बहन नहीं है । जो संदिग्ध व्यक्ति जो बस से उतारे गए वे हैं – सलाउद्दीन अंसारी 30 वर्ष, मोहताब 26 वर्ष, मोहम्मद असरम अंसारी 20 वर्ष ,जमील अख्तर,ईसाद 25 वर्ष । टीम द्वारा बच्चों व संदिग्धों से उनके आधार कार्ड व अन्य पहचान पत्र के बारे में पूछने पर पता चला कि 11 में से 7 बच्चे नेपाल के है और संदिग्धों में से 4 नेपाल और 2 भारत में बिहार से है । किसी भी बच्चे के पास परिजन का मोबाइल नंबर नही था न ही वे भी आधार कार्ड दिखा पाए । सभी के पास दिल्ली जाने के अलग –अलग बहाने थे, कोई पढ़ने के लिए दिल्ली जा रहा था ,कोई अपने बड़े भाई से मिलने के लिए , तो कोई बिना किसी पर्चे के डॉक्टर से इलाज कराने दिल्ली जा रहे थे । कुछ बच्चों ने यह बताया कि वे काम करने दिल्ली जा रहे है । एएचटीयू प्रभारी लखनऊ अजय प्रकाश मिश्रा के द्वारा FIR दर्ज करवाया गया है ।
चाइल्डलाइन के टीम सदस्य विजय पाठक शिप्रा सिंह व मनीष वर्मा द्वारा सभी बच्चों का कोविड 19 टेस्ट करवाने के उपरांत उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया गया.




