उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

डूटा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा अनेक प्रमुख शिक्षाविदों के साथ कांग्रेस में शामिल

नई दिल्ली : दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (डूटा) के तीन बार अध्यक्ष रहे और जाने-माने शिक्षक नेता डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा सोमवार को अनेक प्रमुख शिक्षाविदों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों के संगठन एकेडमिक्स फ़ॉर एक्शन एंड डेवलपमेंट (एएडी) के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विलय की भी घोषणा की गई।

कांग्रेस कार्यालय में दिल्ली कांग्रेस प्रभारी काजी निजामुद्दीन, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव, एआईसीसी के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, दिल्ली के प्रदेश संगठन महासचिव अनिल भारद्वाज और इंटक दिल्ली के चेयरमैन पंकज गर्ग ने डॉ. मिश्रा के साथ डूटा के वर्तमान सचिव विमलेंदु, तबरेज आलम, राजेश झा सहित दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया एवं जेएनयू के कई प्रोफेसरों को भी पार्टी में शामिल कराया।

डॉ. मिश्रा और उनके साथियों का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐसे समय में, जब उच्च शिक्षा महंगी होती जा रही है और छात्रों एवं शिक्षकों के सामने गंभीर चुनौतियां हैं, प्रमुख शिक्षाविदों का कांग्रेस से जुड़ना पार्टी को बौद्धिक रूप से मजबूत करेगा।

दिल्ली प्रभारी काजी निजामु‌द्दीन ने कहा कि ऐसे समय में, जब शिक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और छात्रों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, वरिष्ठ शिक्षकों का कांग्रेस से जुड़ना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार छात्रों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और डॉ. मिश्रा एवं उनके साथियों की बौद्धिक क्षमता कांग्रेस को और मजबूती प्रदान करेगी।

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा तीन बार डूटा अध्यक्ष रहने के अलावा फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटीज टीचर्स एसोसिएशन के भी अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के युवाओं और छात्रों को सही दिशा एवं बेहतर मार्गदर्शन की जरूरत है, यदि उन्हें सही नेतृत्व मिलेगा तो देश का भविष्य समृद्ध होगा।

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि आदित्य नारायण मिश्रा और उनके साथियों ने लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था की रक्षा के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि आदित्य नारायण मिश्रा हमेशा से प्रोफेसरों और छात्रों की आवाज उठाते आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली विश्ववि‌द्यालय में आए दिन भाजपा-आरएसएस के कार्यक्रमों में करोड़ों रुपये फूंके जाते हैं, इस राशि में तो कई हॉस्टल बन जाते और सत्य निकेतन जैसी घटनाएं नहीं होतीं।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद डॉ. मिश्रा ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था चरमरा रही है, सरकारी शिक्षण संस्थानों पर लगातार हमले हो रहे हैं और हजारों स्कूल बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करने तथा इस बड़े संकट से देश को उबारने के लिए वह राहुल गांधी के संघर्ष को मजबूत करने के लिए कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button