पाकिस्तान में जो हुआ है वह यूनेस्को की नियम का भी उल्लंघन है ::सरदार अरविंदर सिंह लवली

नई दिल्ली : ट्रांस-यमुना एरिया डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन सरदार अरविन्दर सिंह लवली ने पाकिस्तान में 100 साल से भी अधिक पुराने गुरुद्वारे को गिराए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि एक तरफ पाकिस्तान दुनिया भर में अल्पसंख्यकों का मसीहा बनने की नौटंकी करता है और उसके अपने ही देश के अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है।
सरदार अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले व्यवहार और उनके धार्मिक स्थलों को गिराए जाने की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का इस मामले में हम धन्यवाद भी करेंगे क्योंकि इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने तुरंत पाकिस्तान सरकार को अल्टिमेटम दिया है और गुरुद्वारे को पुनर्निमाण करने की बात कही है।
सरदार अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि पाकिस्तान में जो हुआ है वह यूनेस्को के नियम का भी उल्लंघन है क्योंकि यूनेस्को के नियमानुसार जो भी 100 साल पुराने धार्मिक स्थल है उसकी सुरक्षा करना उस देश का पहला कर्तव्य है और अगर किसी धार्मिक स्थल के मूल ढाचे के साथ छेड़छाड़ किया जाता है तो यह यूनेस्को के नियम का उल्लंघन माना जाता है।
उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है जब धार्मिक स्थलों के साथ पाकिस्तान में छेड़छाड़ की गई है बल्कि इससे पहले भी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए ऐसी दुस्साहस पाकिस्तान द्वारा किया जा चुका है।



