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स्टैन्डर्डाइज़्ड और स्मार्ट पैकेजिंग से भारतीय उत्पादों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी : अजय भादू

अजय भादू (एडिशनल सेक्रेटरी, MOCI) ने किया ISPI 2026 का उद्घाटन

नई दिल्ली : भारतीय पैकेजिंग संस्थान (आईआईपी) द्वारा आज नई दिल्ली में पैकेजिंग उद्योग के छठे अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन ISPI 2026 का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में पॉलिसी मेकर्स, इंडस्ट्री प्रतिनिधियों, अकादमिक विशेषज्ञों, रिसर्चर्स एवं भारत और विदेश से आए विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव श्री अजय भादू द्वारा किया गया।

इस वर्ष सम्मेलन का विषय “पैकेजिंग 5S-AI – सेफ, सिक्योर, स्टैंडर्डाइज्ड, स्मार्ट, सस्टेनेबल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” रखा गया है। इस विषय के माध्यम से पैकेजिंग सेक्टर में एडवांस टेक्नोलॉजी के उपयोग, प्रोडक्ट सेफ्टी, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, स्टैंडर्डाइजेशन एवं एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर भारतीय पैकेजिंग संस्थान के निदेशक श्री आर. के. मिश्रा ने उपस्थित अतिथियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके बाद आईआईपी दिल्ली के अतिरिक्त निदेशक एवं क्षेत्रीय अधिकारी प्रो. (डॉ.) तनवीर आलम ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए पैकेजिंग 5S-AI की अवधारणा एवं इसके उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर आईआईपी दिल्ली में एक डिज़ाइन लैब का उद्घाटन भी किया गया तथा संस्थान के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल पैकेजिंग सेक्टर में इनोवेशन, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अपने संबोधन में श्री अजय भादू ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी की बढ़ती आवश्यकता और बदलती कंज्यूमर एक्सपेक्टेशंस के कारण पैकेजिंग इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से प्रोडक्टिविटी बढ़ाने, वेस्टेज कम करने और प्रोडक्ट सेफ्टी को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि क्वालिटी और स्टैंडर्डाइज्ड पैकेजिंग भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम में आईआईपी के चेयरमैन तथा सुप्रभा प्रोटेक्टिव प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री पी. आर. बंतवाल, डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर प्रोटेक्शन, भारत सरकार के जॉइंट सेक्रेटरी श्री दीपक मिश्रा, यूफ्लेक्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अशोक चतुर्वेदी तथा वर्ल्ड पैकेजिंग ऑर्गनाइजेशन की प्रेसिडेंट सुश्री लुसियाना पेलेग्रिनो ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सुश्री पेलेग्रिनो इस कार्यक्रम से ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं।

प्रो. (डॉ.) तनवीर आलम ने अपने वक्तव्य में कहा कि पैकेजिंग 5S-AI इंडस्ट्री के लिए एक ट्रांसफॉर्मेटिव अप्रोच है। इसके माध्यम से सेफ्टी, सिक्योरिटी और स्टैंडर्डाइजेशन को स्मार्ट टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ जोड़कर ट्रेसबिलिटी, क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई चेन एफिशिएंसी को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) के अंतर्गत पैकेजिंग सपोर्ट, क्लस्टर आधारित पैकेजिंग डेवलपमेंट एवं APEDA के पैकेजिंग स्टैंडर्ड्स के अनुरूप कार्य को भी बढ़ावा दे रहा है।

उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में लगभग 1500 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें पॉलिसी मेकर्स, इंडस्ट्री प्रतिनिधि, अकादमिक विशेषज्ञ, रिसर्चर्स एवं स्टार्ट-अप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अमेरिका, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, नाइजीरिया, घाना, इथियोपिया, बोत्सवाना, मॉरीशस, जाम्बिया, कंबोडिया, श्रीलंका, युगांडा, मालदीव, गाम्बिया और सिंगापुर सहित कई देशों से लगभग 50 इंटरनेशनल डेलीगेट्स भी इसमें शामिल हुए हैं।

भारतीय पैकेजिंग संस्थान देश में सस्टेनेबल और इनोवेशन आधारित पैकेजिंग को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्री और विभिन्न सरकारी विभागों के साथ मिलकर कई पहलें भी कर रहा है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के पारंपरिक उत्पाद नोलेन गुर के लिए विकसित की गई नई पैकेजिंग से इसकी पोर्टेबिलिटी बढ़ी है और इसकी शेल्फ लाइफ में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। संस्थान नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (NRLM) के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप्स और फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन्स के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम भी संचालित कर रहा है, जिससे ग्रामीण उद्यमियों को एग्री और फॉरेस्ट आधारित उत्पादों के लिए बेहतर पैकेजिंग अपनाने में सहायता मिल सके।

संस्थान के अनुसार प्रभावी पैकेजिंग से उत्पादों का मार्केट वैल्यू 10 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ सकता है, जिससे उनकी मार्केट एक्सेप्टेंस और प्रतिस्पर्धा दोनों में वृद्धि होती है।

रिसर्च, ट्रेनिंग और इंडस्ट्री पार्टनरशिप के माध्यम से भारतीय पैकेजिंग संस्थान देश में पैकेजिंग क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ एक्सपोर्टर्स और मैन्युफैक्चरर्स को यह सुनिश्चित करने में सहयोग कर रहा है कि भारतीय उत्पाद ग्लोबल मार्केट्स तक सुरक्षित और बेहतर गुणवत्ता के साथ पहुंच सकें। ISPI 2026 के दौरान होने वाली चर्चाओं और सहयोग से पैकेजिंग सेक्टर में इनोवेशन को और गति मिलने की उम्मीद है, जिससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी।

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