राष्ट्रीय एकता में पंजाबी और हिन्दी भाषाओं के साहित्यकारों का रहा महत्वपूर्ण योगदान

लखनऊ : उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी एवं कृष्णा देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज आलमबाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘पंजाबी और हिंदी भाषा का राष्ट्रीय एकता में महत्व’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां भगवती सरस्वती जी प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन प्राचार्या प्रो सारिका दुबे, अतिथि वक्ता प्रो रामपाल गंगवार, प्रो श्रवण गुप्ता, डॉ अमिता यादव ने किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या प्रो सारिका दुबे की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बाबासाहब भीमराव अंबेडकर विश्वद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष एवं डीन प्रो रामपाल गंगवार तथा विद्यांत हिन्दू पी जी कॉलेज से प्रो श्रवण गुप्ता जी उपस्थित रहे।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो सारिका दुबे ने अपने उद्बोधन में आज की संगोष्ठी में हिंदी एवं पंजाबी भाषा की समावेशी प्रवृत्ति पर बात करते हुए इसकी समृद्ध विरासत पर विस्तृत चर्चा की। हिंदी और पंजाबी भाषा लोकप्रियता उसमें निहित लचीलेपन और पंथनिरपेक्षीय स्वरूप और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता में निहित है ।
मुख्य वक्ता प्रो. रामपाल गंगवार ने पंजाबी और हिन्दी का भाषाओं के उद्भव स्रोत के रूप में मध्यकालीन भक्ति आंदोलन की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐतिहासिक प्रसंगों के माध्यम से भक्तिकालीन संतो का सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता स्थापित स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।
प्रो श्रवण कुमार गुप्ता ने पंजाबी और हिन्दी गीतों और कविताओं और भारतीय सिनेमा को राष्ट्रीय एकता का मुख्य संवाहक बताया उन्होंने आद्यंत साहित्यिक और स्वतंत्रता आंदोलनों के दौरान पंजाबी और हिंदी भाषाओं के साहित्यकारों की राष्ट्रीय एकता में योगदान पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम संयोजक डॉ अमिता यादव कहा कि पंजाबी अकादमी पंजाबी भाषा के संवर्धन और उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इसके प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।
संगोष्ठी कार्यक्रम में डॉ. मीनाक्षी त्रिपाठी, डॉ. सलोनी, डॉ सत्याशुक्ला, डॉ कामना श्रीवास्तव, प्रियंका मिश्रा, गीता भारद्वाज, हिजाब खातून, डॉ.अमिता यादव, डॉ दीपशिखा पाल, डॉ निशी यादव उपस्थित रहें।



