गढ़वाली लोकनृत्य कार्यशाला के समापन पर आठ सितम्बर को होंगी प्रस्तुतियाँ

लखनऊ : लोग संस्कृति की धरोहर मुनाल द्वारा लुप्त हो रहे लोक संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन में 2 सितंबर से 8 सितंबर तक गढ़वाली लोकनृत्य कार्यशाला का आयोजन बुद्ध बसंती मुनाल सभागार वजीर हसन रोड पर उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी सम्मानित लोकनृत्य विशेषज्ञ मुनालश्री विक्रम बिष्ट के निर्देशन व संयोजन में आयोजित की जा रही है. 8 सितंबर को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के वाल्मीकि रंगशाला में मंच प्रस्तुति की जाएगी.

कार्यालय में सभी आयु वर्ग के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं जिसमें लवली घील्डियाल, गोविंद बोरा, मीतू सिंह , प्रेम सिंह बिष्ट, दीपिका तिवारी, ख्याली सिंह, मानसी बिष्ट, बलवंत वाडगी, ओमकार सिंह, किशोर श्रीवास्तव आदि उत्तराखंड के पारंपरिक लोक नृत्य थड़िया चोफुल, घसियारी, बदी बदीड, छपेली आदि कार्यशाला में सीख कर मंच में प्रस्तुत करेंगे. सभी कार्यशाला में गायन पक्ष को यशभारती सम्मानित ऋचा जोशी द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा. मुनालश्री विक्रम बिष्ट ने पारंपरिक लोक नृत्य की बारीकियां को भी बताया जिसमें प्रतिभागियों को लोक नृत्य की भौगोलिक स्थिति परिधान वेशभूषा पथ संचालन रूप सज्जा के विषय में विस्तृत जानकारी भी दिया कार्यशाला प्रतिदिन 3 से 5 बजे तक चलती रहेगी.



