हजारों लोगों ने एक साथ लिया हर दिन ध्यान और योग का संकल्प
लखनऊ में श्री रामचंद्र मिशन, हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ’हर दिल-हर दिन ध्यान’ योग महोत्सव हुआ सम्पन्न

लखनऊ। श्री रामचंद्र मिशन, हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट एवं संस्कृति मंत्रालय की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग व लखनऊ विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय ’हर दिल-हर दिन ध्यान’ योग महोत्सव के तीसरे व अंतिम दिन रविवार को हजारों लोगों ने हर दिन ध्यान और योग करने का संकल्प लिया। प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर को मुख्य अतिथि और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति व राज्य उपभोक्ता आयोग, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अशोक कुमार को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।
अलीगंज स्थित फुटबॉल स्टेडियम में महोत्सव में सुबह और शाम के सत्रों में यहां हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास व ध्यान किया। महोत्सव में सुबह व शाम के सत्रों में हार्टफुलनेस योगा ट्रेनर शुभांगी व स्वयंसेवकों द्वारा प्राणायाम, मुद्रा व योगा करवाया गया। केजीएमयू के पूर्व कुलपति एवं रेडिएशन एवं कैंसर विज्ञान विभाग के प्रमुख एमएलबी भट्ट ने प्रातः के सत्र में ध्यान करने से होने वाले चमत्कारिक प्रभावों की जानकारी दी।
अहमदाबाद से आएं मुख्य प्रस्तोता जिग्नेश शेलात व संस्था की जोनल कोऑर्डिनेटर शालिनी मेहरोत्रा ने सुबह के सत्र में हार्टफुलनेस क्लीनिंग व मेडिटेशन तथा शाम के सत्र में हार्टफुलनेस प्रार्थना की जानकारी दी। उनके द्वारा करवाए गए हार्टफुलनेस ध्यान की गहराइयों को उपस्थित हजारों लोगों ने महसूस किया। शारीरिक व मानसिक अशांति मानव शरीर में ऊर्जा के बहाव में विकृति उत्पन्न करती है। यही विकृतियां रुकावट बन जाती हैं। हार्टफुलनेस पोलैरिटी मानव शरीर की रुकावटों को दूर करने और ऊर्जा क्षेत्र में ऊर्जा के संचार को पुनर्स्थापित करने में मदद करती है। महोत्सव के अंतिम दिन इस विषय में जानकारी हार्टफुलनेस पोलैरिटी ट्रेनर हेमंत ने दी।
शाम के सत्र में भातखंडे संगीत विद्यालय से गायन में निपुण भजन गायक ओंकार शंखधर के भजनों ने सभी को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। महोत्सव में श्री रामचंद्र मिशन के सचिव उमाशंकर दीक्षित, वाई.एस. चौहान के अलावा विद्यालयों विश्वविद्यालयों, के छात्र-छात्राएं, विभिन्न संस्थानं, शासकीय व निजी कार्यालयों एवं स्वयंसेवी संगठनों के साथ-साथ शहर के सम्मानित नागरिकों की उपस्थिति मुख्य रूप से रही।



