अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने मनाई गुरु पूर्णिमा व व्यास जयंती
गांधी विद्यालय के पूर्व प्रवक्ता सत्य प्रकाश शिक्षक को "शिक्षक श्री सम्मान से सम्मानित

लखीमपुर (खीरी) : अ भा सा परिषद नगर इकाई द्वारा गुरु पूर्णिमा / व्यास जयंती पर आयोजित सम्मान समारोह व वैचारिक संगोष्ठी 72, काशीनगर लखीमपुर-खीरी मे सफलतपूर्वक संपन्न हुआ । मां शारदे का पूजन व दीप प्रज्वलन मुख्य अतिथि , संस्था संरक्षक संजीव मिश्र व्यों , व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने किया । कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्था अध्यक्ष डॉ स्वाति पांडेय “प्रीत” द्वरा मां वीणापाणी के शब्द वंदन से हुआ।
समारोह में गांधी विद्यालय के पूर्व प्रवक्ता सत्य प्रकाश शिक्षक को “शिक्षक श्री सम्मान से सम्मानित किया गया । समारोह का सफल संचालन श्याम किशोर बेचैन ने किया ।
कार्यक्रम मे गुरु पूर्णिमा के अवसर गुरु के आध्यत्मिक महत्व पर मुख्य वक्ता ,डॉ रघुनन्दन झा ने विचार व्यक्त किये।साथ ही सह वक्ता डी के स्वतंत्र, ने गुरु के तत्व रूप पर बात की । नगर अध्यक्ष डॉ स्वाति पांडेय “प्रीत” ने गुरु की महत्ता को दर्शाते हुए छंद पढ़े व व्यास जी के जन्म दिवस पर उनके व्यत्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला ।
मुख्य अतिथि ज्ञानेंद्र सक्सेना महामंत्री संस्कार भारती,लखीमपुर खीरी , ने गुरु के प्रति शिष्य के कर्तव्यों को बताया । समाज सेवी राजेश दीक्षित ने जीवन मे गुरु की भूमिका बताई । कार्यक्रम संयोजक अमित पाण्डेय ने व्यक्ति की प्रथम गुरु मां के महत्व पर विचार रखे । भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय महामंत्री नरेश वर्मा ने कहा दुनिया को देखने का नजरिया गुरु की सिखाता हैँ । संस्था के महामंत्री श्याम किशोर बेचैन ने बताया गुरु हमेशा शिष्य का अच्छा चाहता है वह सदैव शिष्य को उतरोत्तर प्रगति
की ओर अग्रसारित करता है । आर्य कन्या महाविधालय कि भूतपूर्व हिंदी प्रवक्ता डॉ सुशीला सिंह ने गुरु शिष्य सम्बन्धो पर अपने अनुभव साझा किया।
पत्रकार विकास सहाय ने राम को गुरु रूप मे प्रतिष्ठित किया। अवधि कवि गौरव शुक्ला ने बताया गुरु से ही जीवन मे सार्थकता आती है। वरिष्ठ कवि वेदप्रकाश वर्मा ने व्यास जी पर विचार रखे । साथ ही कार्यक्रम में कुछ बेटियों– मधु व प्रिंसी ने अपने गुरुओ पर अपने विचार रखे । संस्था के संरक्षक संजीव मिश्रा व्यों ने अपने गुरु के संस्मरण सुनाये।



