राष्ट्रीय सनातन संघ ने श्रद्धासुमन अर्पित कर मनायी स्वामी विवेकानंद और महषि महेश योगी की जयंती
स्वामी विवेकानंद ने सिखाया कि हम अपने कामों में पूरी ईमानदारी बरतें तो दुनिया सुनती है : डा. अरुण सक्सेना

लखनऊ । राष्ट्रीय सनातन संघ के बैनर तले सोमवार को स्वामी विवेकानंद एवं महर्षि महेश योगी की जयंती पर संगीत नाटक अकादमी में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत पदयात्रा एवं सगोष्ष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संगीत नाटक अकादमी से विभिन्न स्कूलों के करीब एक हजार बच्चों ने स्वामी विवेकानंद एवं महर्षि महेश योगी के विचारों कोे जन-जन तक पहुंचाते हुए पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा को उप्र सरकार मंे वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना ने भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया। बच्चे जब पदयात्रा निकाल रहे थ्ो तो उनके हाथों में स्वामी विवेकानंद और महर्षि महेश योगी के विचारों वाले बैनर थ्ो। नारों के बीच वंदे मातरम और भारत माता के जयघोष के साथ एक अलग ही वातावरण बन गया था। पदयात्रा में जिन स्कूलों के बच्चों ने शिरकत की उनमें महर्षि विद्या मंदिर, बुनियाद एकेडमी, सरस्वती विद्या मंदिर बालिक इंटर कालेज जानकीपुरम और यही ंके सेक्टर क्यू अलीगंज स्कूल शामिल रहे।
पदयात्रा संगीत नाटक अकादमी के प्रमुख द्बार से शुरू होकर बौद्ध संस्थान होते हुए एलडीए चौराहे से होते हुए वापस संगीत नाटक अकादमी पर पूरी हुई। इसके बाद बच्चों को सूक्ष्म जलपान एवं एक गिफ्ट देकर प्रोत्साहित भी किया गया।
इसके बाद करीब 12 बजे संगीत नाटक अकादमी में ”आज के समय में विवेकानंद और महर्षि योगी के विचारों की उपयोगिता’’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना, केजीएमयू के रेस्परेटरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकांत, गोशाला एवं अनुंसधान परिषद के अध्यक्ष गौतम ऋषि, वरिष्ठ भाजपा प्रवक्ता हरीशचंद्र श्रीवास्तव, महषि विश्वविद्यालय के प्रबंधक अनूप कुमार श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत वर दें वीणावादिनी… की सरस्वती वंदना से शुरू हुआ। इसके बाद लंबोदराय नम: की गण्ोश वंदना स्तुति कर स्तुति वाचन किया गया। इसी क्रम में महर्षि विश्विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्बारा गंगा अवतरण और महषि योगी द्बारा चलायी गयी राम मुद्रा पर आधारित एक लघु नाटिका का आयोजन किया गया। इसके बाद कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करते हुए मुख्यअतिथि डा. अरुण सक्सेना का स्वागत संस्था के अध्यक्ष दिनेश खरे द्बारा पुष्प व स्मृति चिन्ह देकर माला व शाल पहनाकर स्वागत किया गया। इसी तरह अन्य अतिथियों का भी स्वागत स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र व पुष्प देकर किया गया।
इस अवसर पर डा. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि आज के विद्यार्थियों को अपने जीवन में स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है। विद्यार्थियों को जब भी जीवन में निराशा हो तो उनके स्वामी विवेकानंद के विचारों को ध्यान करने की जरूरत है। श्री सक्सेना ने कहा कि दोंनो विभूतियों ने यही सिखाया है कि हम अपने कामों में पूरी ईमानदारी बरतें, अगर हमें पढ़ाई करनी है तो इसका दिखावा न करके केवल पढ़ायी ही करनी है।
जबकि वरिष्ठ चिकित्सक एवं केजीएमयू के रेस्परेटरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकांत ने बड़ी संख्या मंे मौजूद छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंनें बच्चों से संवाद में पूछा कि क्या उन्हें विवेकानंद और उनके जीवन से जुड़े प्रमुख पहलू याद हैं। उन्होनंे कहा कि जब हमारा मोबाइल डिस्चार्ज हो जाता है तो हम उसे चार्ज कर लेते हैं लेकिन जब हमारा मस्तिष्क थक जाये तो हमें विवेकानंद, महर्षि योगी और साहित्यकारों को पढ़कर अपना दिमाग चार्ज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संघ हमें ऐसी महान विभूतियों को सम्मानित करने का मौका दे रहा है यह हमारे लिये गौरव का पल है।
संस्थान के अध्यक्ष दिनेश खरे ने कहा कि राष्ट्रीय सनातन संघ का उद्देश्य ऐसी शख्सियतों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का है जिन्होंने हमारे समाज को दुनिया में ख्याति दिलायी है। उन्होंने कहा कि आगे आने वाले समय में हम इसी तरह के अन्य कार्यक्रम करेंगे चाहे सुभाष जयंती हो, लाल बहादुर शास्त्र की जयंती हो या फिर कुंभ ·ान जैसे पर्व। श्री खरे ने कहा कि राष्ट्रीय सनातन संघ आगे आने वाले समय में गो-सेवा, निर्बल सेवा, गरीब बच्यिों के विवाह जैसे कार्यक्रमों को भी अंजाम देगा।
वरिष्ठ भाजपा प्रवक्ता हरीशचंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद और महर्षि महेश योगी ने हमारे समाज ने बहुत कुछ दिया है, हमें हमेशा उनका कृतज्ञ होना चाहिए। स्वामी जी ने विदेशों में ख्याति फैलायी । तो महर्षि ने अपनी योग की ताकत से दुनिया का परिचय करवाया ।
महर्षि विश्वविद्यालय के प्रबंधक अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि महर्षि योगी पर खड़े होकर 24 घंटे लगातार बोला जाये तो भी कम है वह ऐसी शख्सियत थ्ो कि एक आदमी की तरह जीवन शुरू करके उन्होंने ब्रहानंद की शिक्षा पर चलते हुए अपने जीवन का उद्देश्य की योग को बना लिया आज पूरी दुनिया उनके योग के ज्ञान को स्वीकार कर चुकी है। कार्यक्रम को विनोद कुमार श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश श्रीवास्तव न्ो किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार राजेश श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी उमेश श्रीवास्तव, ज्योत्सना श्रीवास्तव, समाज सेवी रितु खरे, विमलेश श्रीवास्तव, विनोद कुमार, आलोक मिश्र, अजय दीप, श्रीमती प्रमिला श्रीवास्तव, नीलम जी, अनिल राज, आदि का भी सम्मान किया गया ।



