उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

कान्हा ने दैत्य अघासुर का वधकर अपने साथियों व गायों को बचाया

लखनऊ। मित्तल परिवार की ओर से अमीनाबाद रोड स्थित न्यू गणेशगंज में शहर की डिजिटल मूविंग जन्माष्टïमी झांकी की शुरूआत 26 अगस्त से हो चुकी है। 31 अगस्त तक चलने वाली इन स्वचालित झांकियों में प्रतिदिन कृष्ण लीलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। झांकी संयोजक अनुपम मित्तल ने बताया कि डिजिटल मूविंग जन्माष्टïमी झांकी की श्रृखला में तीसरे दिन बुधवार को अघासुर वध दृश्य दिखाया गया। अघासुर वध की स्वचालित एनिमेटेड मूविंग झांकी में दैत्य अघासुर पूतना और बकासुर का छोटा भाई था। वह वेश बदलने में दक्ष ही नहीं मायावी भी था। कंस ने बकासुर की मृत्यु के बाद अघासुर को नटखट कान्हा को मारने के लिए भेजा। ग्वाल बालों कीगाय जिस स्थान चरने जाती थी उस स्थान पर दैत्य अघासुर ने अजगर रूपी विशालकाय गुफा का रूप धारण कर लिया। ग्वाल बाल खेलते और गाय चराते हुए उस विशालकाय अजगर के मुंह के अंदर चले गए, तब पलक झपकते ही अजगर ने अपना मुंह बंद कर लिया। चारागाह में गायों व ग्वाल-बालों में जब कोई भी नहीं दिखा तो कान्हा घबराकर परेशान हो गए वे जोर जोर पुकारकर उन सभी को खोजने लगे। तभी उन्होंने आगे जाकर देखा कि एक विशालकाय अजगर जोर-जोर से फुकार मारकर आग उगल रहा था। कान्हा समझ गए यह मायावी दैत्य हैं। इसी दैत्य ने अपनी सांसों द्वारा ग्वाल-बालों और गायों को अपने मुंह के अंदर खींचा है। तब कान्हा ने अजगर रूपी विशालकाय गुफा में गये और अपना शरीर को विशालकाय कर लिया। तब कान्हा ने अजगर रूपी दैत्य अघासुर का मुंह दोनों हाथों से फैलाकर चीर कर वध कर दिया और सभी ग्वाल बालों और गायों को सुरक्षित बचा लिया। न्यू गणेशगंज की जन्माष्टïमी झांकी में 5 फुट ऊंची अयोध्या वाले रामलला के दर्शन, पूतना वध की झांकी एवं मंगल पर लैंड करता रोवर वाला सेल्फी कार्नर सभी भक्तों के लिए आकर्षण केंद्र बना हुआ है। निधि वन में सभी भक्तगण राध कृष्ण को झूला झुलाकर आनंदित हो रहे है। वहीं अन्य झांकियों में हनुमानजी के हृदय में राम सीता के अलौकिक दर्शन, 20 फुट ऊंचे शिवलिंग से मां गंगा का अवतरण, मदारी का खेल दिखाते हुए बंदर, सपेरा की बीन धुनों पर नाचते हुए सांप की एनिमेडेट स्वचालित झांकियां सभी भक्तगणों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। न्यू गणेशगंज झांकी स्थल को कोलकाता की रंग बिरंगी मूविंग एलईडी लाइटों, पैनलों एवं विशालकाय तोरण द्वारों पर कान्हा की लीलाओं को बहुत सुन्दर ढंग से उकेरा गया था। झांकी स्थल को दोनों ओर कृष्ण की विविध लीलाओं को विशालकाय पटिट््काओं के माध्यम से सचित्र दिखाया जा रहा है। मंगल पर रोवर वाला थ्रीडी सेल्फी कार्नर में क्या बच्चें क्या जवान सभी सेल्फी फोटो खीचकर आनंद उठा रहे थे। 29 अगस्त गुरूवार को नौका विहार का प्रसंग दिखाया जाएगा। झांकियों का खुलने का समय प्रतिदिन सांय 6 बजे से रात 12 तक कर सकेंगे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button