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समस्त जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

लखनऊ। प्रदेश के समस्त जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, गोमतीनगर लखनऊ में न्यायमूर्ति  सुनीता अग्रवाल, वरिष्ठ न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद/कार्यपालक अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति  डी.के. उपाध्याय, वरिष्ठ न्यायाधीश लखनऊ खण्डपीठ एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा उपसमिति, खण्डपीठ लखनऊ तथा सुश्री संतोष स्नेही सदस्य सचिव, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली की गौरवमयी उपस्थिति से समस्त प्रतिभागी उत्साहित थे।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति  सुनीता अग्रवाल, वरिष्ठ न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद/कार्यपालक अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अपने सम्बोधन में जेल में निरूद्ध बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रोजगापरक शिक्षा एंव प्रशिक्षण, उनकी रूचि के अनुसार उन्हें कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

इसी क्रम में जेलों में निरूद्ध बंदियों के द्वारा मंदिरों से निकले हुए फूलों से अगरबत्ती बनाने के प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया और यह कहा गया कि जब यह बाहर निकले तो उनके जीविकोपार्जन में किसी भी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो। इसके अतिरिक्त इस बात पर भी जोर दिया गया कि आप सभी लोग मानसिक अस्पतालों, सम्प्रेक्षण गृहों, वृ़द्धाश्रमों तथा अनाथालयों में रह रहे लोगोे के बीच जाये और उनके प्रति समर्पण भाव रखते हुए उनकी समस्याओं के निदान हेतु पूर्ण प्रयत्न करें।


न्यायमूर्ति डी.के. उपाध्याय, वरिष्ठ न्यायाधीश लखनऊ खण्डपीठ एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा उपसमिति, खण्डपीठ लखनऊ द्वारा कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे समस्त प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूर्ण मनोयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रदेश के 40 जनपदों में स्थापित लीगल एड डिफेंस कॉउंसिल सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन, समीक्षा एवं आंकलन के बारे में राजस्थान उच्च न्यायालय से पधारे न्यायमूर्ति  अशोक कुमार जैन, न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा विस्तृत रूप से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। इसी क्रम में सुश्री संतोष स्नेही सदस्य सचिव, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा पी0एल0वी, पैनल लाॅयर्स, लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से न्यायालय आधारित विधिक सेवाओं/क्रियाकलापों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
विनोद सिंह रावत, निदेशक न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, गोमतीनगर लखनऊ द्वारा अपने स्वागत सम्बोधन में न्यायमूर्तिगण एवं समस्त प्रतिभागियों का ह्दय से स्वागत किया गया तथा श्री संजय सिंह-।, सदस्य सचिव, उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अपने धन्यवाद ज्ञापन में पधारे हुए न्यायमूर्तिगण, समस्त विशिष्ट अतिथिगण, निदेशक, न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, प्रतिभागी न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, मीडिया एवं अन्य अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।

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