NDMC क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण एवं स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक कदम : कुलजीत सिंह चहल
EV पार्किंग शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, 24 स्थानों पर जल्द शुरू होगी मिस्ट स्प्रे प्रणाली

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, हरित एवं विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा नई दिल्ली क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण, सड़कों की बेहतर सफाई, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। यह जानकारी NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने पालिका केंद्र मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि NDMC का क्षेत्र लगभग 42.7 वर्ग किलोमीटर में फैला है और यहां लगभग 416 किलोमीटर लंबी सड़कों का रखरखाव किया जाता है। NDMC क्षेत्र में अनेक प्रतिष्ठित भवन, केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण कार्यालय, प्रमुख होटल और विभिन्न देशों के दूतावास स्थित हैं। ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखना, सड़कों से धूल को नियंत्रित करना और वायु प्रदूषण कम करना परिषद की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए आधुनिक मशीनों एवं तकनीक का उपयोग करते हुए सड़क सफाई, धूल नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
यांत्रिक सड़क सफाई और धूल नियंत्रण
श्री चहल ने बताया कि NDMC के पास वर्तमान में 11 बड़ी मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें, 4 छोटी स्वीपिंग मशीनें, 4 राइड-ऑन स्क्रबर और 20 लिटर पिकर मशीनें उपलब्ध हैं। सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए 4 बड़ी तथा 4 मध्यम आकार की मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें और 4 लीफ पिकर मशीनें उपलब्ध कराने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यकता के अनुसार रात्रिकालीन सफाई को प्राथमिकता दी जाए, ताकि सुबह के समय सड़कों पर धूल का स्तर कम रखा जा सके।
1,200 बिजली के खंभों पर मिस्ट स्प्रे प्रणाली लगाने का लक्ष्य
श्री चहल ने बताया कि वायु प्रदूषण कम करने के लिए बिजली के खंभों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाया जा रहा है। वित्त वर्ष 2026–27 के दौरान लगभग 1,200 बिजली के खंभों पर यह व्यवस्था स्थापित करने का लक्ष्य है, जिससे करीब 26.69 किलोमीटर सड़क को कवर किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि मान सिंह रोड, शाहजहाँ रोड, भगवान दास रोड, तिलक मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग और डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग सहित 6 स्थानों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम चालू है। अरविंदो मार्ग, पृथ्वीराज रोड, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, कॉपरनिकस मार्ग और बाराखंभा रोड पर इसे एक सप्ताह के भीतर चालू करने का लक्ष्य है।
इसके अतिरिक्त मदर टेरेसा रोड, शेख मुजीबुर रहमान रोड, शंकर रोड, मंदिर मार्ग, फिरोजशाह रोड, सिकंदरा रोड, आर.के. आश्रम मार्ग, पेशवा रोड, शहीद भगत सिंह रोड, अशोक रोड, बीकेएस मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग पर नवंबर 2026 तक मिस्ट स्प्रे सिस्टम चालू करने की योजना है। शेरशाह सूरी मार्ग पर एक अतिरिक्त स्थान पर दिसंबर 2026 तक यह व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। लोदी रोड, शांति पथ और अफ्रीका एवेन्यू पर भी पहले चरण में यह सिस्टम चालू किया जा चुका है।
*एंटी-स्मॉग गन और निर्माण स्थलों पर निगरानी*
श्री चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 12 ट्रक-माउंटेड या मोबाइल एंटी-स्मॉग गन लगाए गए हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र की 10 ऊँची इमारतों में एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं, जिनमें लीला होटल, होटल द पार्क, होटल शांगरी-ला, आईटीसी मौर्य होटल, द ताज होटल, ताज मान सिंह होटल, ओबेरॉय होटल, ललित होटल, चाणक्य मॉल और डीएलएफ बिल्डिंग शामिल हैं।
NDMC की ऊँची इमारतों में भी एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं। इनमें यशवंत प्लेस बिल्डिंग, चाणक्य भवन, पालिका भवन, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, मोती बाग, लोक नायक भवन, प्रगति भवन, चंद्रलोक बिल्डिंग, मोहन सिंह प्लेस, मयूर भवन और पालिका अमृतकाल निवास शामिल हैं।
निर्माण और तोड़फोड़ वाली साइटों पर भी 115 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं, ताकि धूल को नियंत्रित करने में मदद मिल सके।
सड़क धुलाई और पानी का छिड़काव
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में सड़कों की धुलाई और धूल नियंत्रण के लिए वर्तमान में 13 प्रेशर जेटिंग मशीनें तथा 18 पानी के टैंकर उपलब्ध हैं, जिनमें से 10 टैंकर स्प्रिंकलर प्रणाली से लैस हैं। इन टैंकरों की क्षमता 5,000 से 10,000 लीटर तक है। आवश्यकता के अनुसार ये वाहन प्रतिदिन लगभग 20 से 25 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य करते हैं और दो से तीन चक्कर लगाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में प्रेशर जेटिंग मशीनों की संख्या 13 से बढ़ाकर 20 की जाएगी, ताकि सड़कों की नियमित धुलाई और धूल नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
NDMC का हरित क्षेत्र और पौधारोपण अभियान*
कुलजीत सिंह चहल ने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि NDMC क्षेत्र का लगभग 64.48 प्रतिशत हिस्सा हरित क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जो परिषद के पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के प्रति निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 30 लाख पौधे एवं झाड़ियां लगाई गईं। वर्ष 2026-27 के लिए 5,100 पेड़ और 5 लाख झाड़ियां लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत अब तक 1,749 पेड़ और 3,73,587 झाड़ियां लगाई जा चुकी हैं। इस प्रकार निर्धारित लक्ष्य की दिशा में लगभग 74.31 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। श्री चहल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधारोपण अभियान को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ-साथ लगाए गए पौधों की उचित देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।
सड़क किनारे हरियाली और फुटपाथों का रखरखाव
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में लगभग 19.957 किलोमीटर लंबाई के सेंट्रल वर्ज और सड़क किनारे के हिस्सों में हरियाली विकसित की गई है। क्षेत्र में कच्ची सड़कों को समाप्त करने तथा सड़कों, फुटपाथों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की मरम्मत का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गड्ढों, क्षतिग्रस्त फुटपाथों और अन्य ऐसी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए, जिनसे धूल बढ़ने या नागरिकों को असुविधा होने की संभावना रहती है।
उपचारित जल से सिंचाई और स्मार्ट इरिगेशन
श्री चहल ने बताया कि हरित क्षेत्रों की सिंचाई में उपचारित जल के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। NDMC में 9 मौजूदा DSTP इकाइयों की कुल क्षमता लगभग 2,900 KLD है। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से 2,250 KLD क्षमता वाले 8 STP और 180 KLD क्षमता वाले 5 ETP विकसित करने का प्रस्ताव है। स्मार्ट सिंचाई व्यवस्था के तहत 11 सड़क स्थलों पर लगभग 19.61 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपचारित जल का उपयोग बढ़ाने से पेयजल की बचत के साथ-साथ हरित क्षेत्रों के रखरखाव में भी मदद मिलेगी।
*निर्माण एवं विध्वंस कचरे पर निगरानी*
श्री कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि निर्माण एवं विध्वंस स्थलों की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली 19 परियोजनाएं DPCC पोर्टल पर पंजीकृत हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच नियमों के उल्लंघन पर 50,000 रुपये के 23 चालान किए गए। 1 अप्रैल 2026 से रिपोर्ट की तारीख तक 50,000 रुपये के 5 चालान किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर धूल रोकने, निर्माण सामग्री को ढककर रखने और कचरे के उचित निस्तारण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
*C&D कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण*
श्री चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र से एकत्रित निर्माण एवं विध्वंस कचरे को शास्त्री पार्क स्थित रीसाइक्लिंग प्लांट में भेजा जा रहा है। अब तक लगभग 10,000 मीट्रिक टन पुनर्चक्रित सामग्री का उपयोग किया जा चुका है। NDMC क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 60 से 65 मीट्रिक टन C&D कचरा हटाया जाता है। उन्होंने कहा कि कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण और पुनर्चक्रण प्रदूषण को नियंत्रित करने तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आवश्यक है।
*ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था*
श्री कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की निगरानी के लिए 14 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 9 कर्मचारियों की तीन टीमें चौबीसों घंटे कार्य कर रही हैं। प्रतिदिन लगभग 300 टन नगरपालिका ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाता है। हरित कचरे के निस्तारण के लिए कम्पोस्टिंग पिट्स की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का समय पर उठान और उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
श्री कुलजीत सिंह चहल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि NDMC अपने क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और कचरे का समय पर उठान एवं उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। परिषद का प्रयास है कि क्षेत्र में कहीं भी कचरा जमा न हो और खुले में कचरा जलाने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि NDMC क्षेत्र में कचरा जलाने से संबंधित न तो कोई शिकायत प्राप्त हुई है और न ही इस संबंध में कोई चालान किया गया है।
*इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा*
श्री चहल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से NDMC अपने परिवहन बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान में NDMC के पास 60 इलेक्ट्रिक वाहन हैं, जिनमें 32 स्वयं के और 28 अनुबंध के माध्यम से संचालित हैं। क्षेत्र में 157 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं और 31 दिसंबर 2026 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 204 करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
*EV पार्किंग शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं*
श्री कुलजीत सिंह चहल ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने और नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से EV पार्किंग शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि NDMC स्वच्छ परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
*फव्वारे, सौर ऊर्जा और अन्य पर्यावरणीय उपाय*
श्री चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में 85 फव्वारे उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों, कार्यालयों और अस्पतालों की इमारतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। सड़क सफाई मशीनों से निकलने वाली गाद को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ओखला भेजा जाता है, ताकि उसका उचित निस्तारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और बेहतर कचरा प्रबंधन का समन्वित उपयोग किया जा रहा है।
*प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी के निर्देश*
श्री चहल ने बताया कि NDMC 311 ऐप, ग्रीन ऐप, SAMEER ऐप और सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों पर जल्द कार्रवाई की जाती है। प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की रिपोर्ट पर्यावरण मंत्रालय, CPCB और DPCC को नियमित रूप से भेजी जाती है। स्कूलों, कार्यालयों और अस्पतालों की छतों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इसके अलावा सड़क सफाई मशीनों से निकलने वाली गाद और रेत को वैज्ञानिक निपटान के लिए ओखला स्थित प्रोसेसिंग प्लांट में भेजा जाता है। NDMC क्षेत्र में विभिन्न गोल चक्करों, सड़कों के किनारे और पार्कों में 85 फव्वारे भी लगाए गए हैं।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, हरित एवं विकसित भारत के विजन के अनुरूप, कुलजीत सिंह चहल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सफाई, पानी के छिड़काव, हरित क्षेत्रों के रखरखाव और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण से जुड़े उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करें। उन्होंने कहा कि NDMC नागरिकों को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषणमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को साकार करने की दिशा में परिषद सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी, ताकि नई दिल्ली को स्वच्छ, हरित और सतत विकास का आदर्श क्षेत्र बनाया जा सके।



