आनंदोत्सव ’26 का आगाज, दिल्ली के 79 स्कूलों के 2,500 विद्यार्थी हुए शामिल; ‘नो नशा नेशन’ अभियान की शुरुआत
महोत्सव का 40वां संस्करण 16 अक्टूबर तक चलेगा, स्टूडेंट्स की प्रतियोगिताओं के साथ नशे के खिलाफ जागरूकता पर भी फोकस

नई दिल्ली :आर्य समाज वसंत विहार और सूरज भान डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार की ओर से आयोजित तीन दिवसीय इंटर-स्कूल फेस्टिवल आनंदोत्सव ’26 का बुधवार को आगाज हुआ। इसमें दिल्ली के 79 स्कूलों के 2,500 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। महोत्सव का यह 40वां संस्करण आर्य समाज वसंत विहार के संस्थापक महात्मा आनंद स्वामी सरस्वती की 143वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
महोत्सव के पहले दिन आर्य युवा समाज के नेशनल प्रेसिडेंट और मिलाप पब्लिकेशंस के मैनेजिंग एडिटर योगी सूरी के नेतृत्व में ‘नो नशा नेशन’ अभियान लॉन्च किया गया। इस यूथ अवेयरनेस कैंपेन का उद्देश्य नशीले पदार्थों के सेवन और उनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके जरिए युवाओं को नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान के लॉन्च के दौरान वीडियो प्रेजेंटेशन दिखाई गई, कैंपेन स्क्रॉल का अनावरण किया गया और स्टूडेंट्स को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही मिस्ड कॉल कैंपेन भी शुरू किया गया। विद्यार्थियों ने ‘चैंपियंस विदआउट एडिक्शन’ थीम पर डांस परफॉर्मेंस दी और नशे के दुष्प्रभावों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और अपने साथियों के बीच जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
योगी सूरी ने कहा, “नो नशा नेशन के जरिए हम चाहते हैं कि युवा नशे के खिलाफ खड़े हों और नशामुक्त भारत का संदेश अपने स्कूलों, परिवारों और समाज तक पहुंचाएं। आनंदोत्सव युवाओं की भागीदारी को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का अवसर देता है।”
उद्घाटन समारोह की शुरुआत हवन से हुई। इसके बाद राष्ट्र गीत वंदे मातरम और डीएवी गान प्रस्तुत किया गया। स्कूल के कोयर ने क्लासिकल फ्यूजन परफॉर्मेंस दी। कार्यक्रम में मंगलाचरण और दीप प्रज्ज्वलन भी हुआ। स्टूडेंट्स ने ‘दशावतार – दस अवतारों की यात्रा’ थीम पर प्रस्तुति दी। इसके बाद इंटर-स्कूल कॉम्पिटिशन शुरू हुए।
महोत्सव में परफॉर्मिंग आर्ट्स, पब्लिक स्पीकिंग, डिजिटल क्रिएटिविटी, वेलनेस और एनवायरनमेंट अवेयरनेस से जुड़ी कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें ग्रैटिट्यूड कार्ड, पॉजिटिव अफर्मेशंस, मिलियन डॉलर स्माइल, डूडलिंग, हेल्दी प्लेटर, जैम (जस्ट अ मिनट), डांस विदआउट बॉर्डर्स, रिदमिक योग, रील मेकिंग, जनमंच नुक्कड़ नाटक, डिजिटल आर्ट, भजन बीट्स और माइक ड्रॉप इंग्लिश डिबेट शामिल हैं।
उद्घाटन समारोह में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डिप्टी डायरेक्टर जनरल संबित मिश्रा, आर.के. पुरम के विधायक अनिल शर्मा और आर्य समाज वसंत विहार के अध्यक्ष संतोष कपूर मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वाइस प्रेसिडेंट न्यायमूर्ति प्रीतम पाल, श्रीमती मणि सूरी, डायरेक्टर ऑफ कॉलेजेज अनुप वत्स, डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी के सेक्रेटरी सत्य पाल आर्य, ऑनरेरी ट्रेजरर श्री अडलक्खा, सूरज भान डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार की मैनेजर अनीता वाधेरा, मिलाप पब्लिकेशंस की डायरेक्टर प्रिया सूरी और डायरेक्टर ऑफ पब्लिकेशन एस. के. शर्मा भी शामिल रहे।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डिप्टी डायरेक्टर जनरल संबित मिश्रा ने कहा, “नशे की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता और रोकथाम जरूरी है। स्टूडेंट्स अपने साथियों के बीच जागरूकता फैलाकर उन्हें सोच-समझकर फैसले लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।”
आर.के. पुरम के विधायक अनिल शर्मा ने कहा, “आनंदोत्सव स्टूडेंट्स को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ सामाजिक जिम्मेदारी समझने का मंच देता है। नशामुक्त भारत पर इसका फोकस इस पहल को खास बनाता है।”
आर्य समाज वसंत विहार के अध्यक्ष संतोष कपूर ने कहा, “आनंदोत्सव के 40वें वर्ष में स्टूडेंट्स को एक मंच पर लाना गर्व की बात है। इसके जरिए वे महात्मा आनंद स्वामी जी की शिक्षाओं से प्रेरणा ले सकते हैं और समाज के हित में काम करने वाले मूल्यों को अपना सकते हैं।”
सूरज भान डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार की प्रिंसिपल गार्गी छाबड़ा ने कहा, “आनंदोत्सव स्टूडेंट्स को अपनी प्रतिभा निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सामाजिक जागरूकता विकसित करने के लिए प्रेरित करता है। यहां क्रिएटिविटी, टीमवर्क और जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख क्लासरूम से आगे तक जाती है।”
स्कूल की मैनेजर अनीता वाधेरा ने कहा, “आनंदोत्सव क्रिएटिविटी को सामाजिक जागरूकता से जोड़ता है और स्टूडेंट्स को क्लासरूम के बाहर सीखने के अवसर देता है। हमें उम्मीद है कि वे यहां मिली सीख को अपने रोजमर्रा के जीवन में भी अपनाएंगे।”
आनंदोत्सव ’26 का आयोजन 16 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान इंटर-स्कूल कॉम्पिटिशन और कल्चरल प्रोग्राम के साथ एनवायरनमेंटल रिस्पॉन्सिबिलिटी और महात्मा आनंद स्वामी सरस्वती की विरासत से जुड़े विषयों पर भी फोकस रहेगा।



