विरोध-प्रदर्शन से प्रभावित क्षेत्रों में NDMC ने चलाया विशेष स्वच्छता अभियान
स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए NDMC ने सफाई कर्मचारियों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि की

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और स्वच्छ, सुंदर एवं विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने आज सुबह विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल एवं परिषद सदस्य अनिल वाल्मीकि ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों के साथ इस अभियान में भाग लिया। अभियान के दौरान मंडी हाउस में नेपाल एवं ईरान के दूतावासों के बाहर सहित विरोध-प्रदर्शन से प्रभावित आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की गई।
श्री चहल ने कहा कि NDMC क्षेत्र में संसद भवन, प्रमुख सरकारी कार्यालय, विभिन्न देशों के दूतावास, VVIP आवास, बड़े होटल और स्कूल स्थित हैं। यहाँ प्रतिदिन वरिष्ठ अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, राजनयिकों, विद्यार्थियों, पर्यटकों तथा देश-विदेश से आने वाले लोगों का आवागमन होता है। इसलिए देश की राजधानी के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना NDMC की प्रमुख जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रभावित क्षेत्रों में गंदगी और कचरे को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए NDMC ने तुरंत विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया, ताकि आम नागरिकों, व्यापारियों, दूतावासों में आने-जाने वाले लोगों और स्कूलों के विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
श्री चहल ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का भी कर्तव्य है। सभी के सहयोग से ही नई दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन के कारण मंडी हाउस, जंतर-मंतर, जनपथ और कनॉट प्लेस के आसपास सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कचरा जमा हुआ। NDMC के कचरा उठाने वाले वाहनों की वजन रिपोर्ट के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन एकत्र होने वाले कचरे की मात्रा सामान्य दिनों से अधिक दर्ज की गई।
श्री चहल ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रतिदिन 300 मीट्रिक टन से अधिक कचरा एकत्र किया गया। इस दौरान सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों और नागरिक सुविधाओं को भी नुकसान पहुँचा। कई स्थानों पर हरित पट्टियों, पेड़-पौधों और फुटपाथों को क्षति पहुँची, जबकि कुछ शौचालयों में तोड़फोड़ भी पाई गई। दीवारों पर पोस्टर चिपकाने और नारे लिखने से भी सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता और स्वच्छता प्रभावित हुई। इसके अलावा, कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में खाने के पैकेट, रोटियाँ और अन्य खाद्य सामग्री पड़ी मिली। इस तरह की गतिविधियों से राजधानी की सुंदरता प्रभावित होती है और सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत एवं रखरखाव पर अतिरिक्त संसाधन खर्च करने पड़ते हैं।
स्थिति को देखते हुए NDMC ने विरोध-प्रदर्शन स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की है। अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से कचरे को समय पर उठाने और प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
श्री चहल ने NDMC के अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग की टीम और सफाई कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद NDMC के कर्मचारी पूरी निष्ठा, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर रहे हैं। उनका प्रयास टीम भावना और जनसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ ने स्वच्छता को जनभागीदारी और नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ा है। ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित शहरों का निर्माण आवश्यक है। इसी दिशा में NDMC राजधानी के प्रमुख क्षेत्रों को स्वच्छ रखने, हरित क्षेत्रों की सुरक्षा करने और नागरिक सुविधाओं का बेहतर रखरखाव करने के लिए लगातार काम कर रही है।
श्री चहल ने नागरिकों से अपील की कि वे सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान न पहुँचाएँ, कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर डालें और अपने आसपास सफाई बनाए रखने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखना केवल NDMC की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग और सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ एवं विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।



