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₹42,000 न्यूनतम वेतन क्यों जरूरी है? – मजदूर का पसीना, देश की तरक्की है ::गंगेश्वर दत्त शर्मा

नोएडा ::न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी व अन्य की मांगों को लेकर सीटू ने 01 व 02 दिसंबर 2026 को दिल्ली घेराव का आह्वान किया है। न्यूनतम वेतन क्यों बढ़ाना चाहिए इस पर सीटू गौतम बुध नगर जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि आज देश में महंगाई आसमान छू रही है। मजदूर सिर्फ मशीन का एक पुर्जा नहीं है – वह अपने परिवार की रोटी, बच्चों की शिक्षा, इलाज, घर और भविष्य की जिम्मेदारी उठाने वाला इंसान है।

आज की परिस्थितियों में एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए एक श्रमिक परिवार की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ₹42,000 न्यूनतम मासिक वेतन की मांग अब समय की पुकार है। यह कोई खैरात नहीं, यह मजदूर का अधिकार है।

सीटू गौतम बुद्ध नगर इस मांग का पुरजोर समर्थन करता है।
एक श्रमिक परिवार का वास्तविक मासिक खर्च (उदाहरण):
जैसा कि हमारे अध्ययन में स्पष्ट है, एक 4-5 सदस्यीय परिवार को सम्मानजनक जीवन के लिए:
• राशन व पौष्टिक भोजन (2,700 कैलोरी प्रतिदिन का मानक): ₹12,000 • किराया / आवास (सुरक्षित व सम्मानजनक आवास): ₹6,000 • बिजली, गैस, पानी: ₹3,000 • कपड़े व जूते: ₹2,000 • बच्चों की शिक्षा (फीस, किताबें, कॉपी): ₹4,000 • स्वास्थ्य / दवा: ₹3,000 • आने-जाने का खर्च: ₹3,000 • मोबाइल / संचार: ₹1,000 • सामाजिक / घरेलू आवश्यकताएं: ₹2,000 • आपातकाल / बचत (बीमारी, भविष्य के लिए): ₹3,000
कुल – ₹39,000 + महंगाई व अचानक खर्च के लिए अतिरिक्त ₹3,000 = कुल मासिक आय की आवश्यकता ₹42,000
₹42,000 न्यूनतम वेतन क्यों जरूरी है? 1. पोषण और सेहत: परिवार को 2,700 कैलोरी प्रतिदिन का पौष्टिक भोजन मिले, कुपोषण और बीमारी से बचाव हो। 2. छत और सुरक्षा: महंगाई के दौर में किराया/आवास, सुरक्षित रहने का अधिकार है। 3. शिक्षा का अधिकार: बच्चों का भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब उनकी पढ़ाई-लिखाई सही तरीके से हो सके। 4. स्वास्थ्य और इलाज: बीमारी किसी भी समय आ सकती है, इलाज के लिए पैसे का होना जरूरी है। 5. सामाजिक जीवन: त्योहार, रिश्तेदारी, सामाजिक जिम्मेदारियां – ये भी जीवन का हिस्सा हैं। 6. भविष्य की सुरक्षा: आपातकाल और बुढ़ापे के लिए भी कुछ बचत जरूरी है। CITU के न्यूनतम वेतन का आधार क्या है?
यह मांग हवा में नहीं है। यह 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन (ILC) और सुप्रीम कोर्ट के Raptakos & Brett के फैसले के अनुसार तय मुख्य बिंदुओं पर आधारित है:
• 2,700 कैलोरी प्रतिदिन का पौष्टिक भोजन • 72 गज प्रति परिवार / वर्ष कपड़ा • आवास/किराया (सरकारी औद्योगिक आवास योजना के अनुरूप) • ईंधन, बिजली व अन्य खर्च (कुल का 20%) • शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन, वृद्धावस्था/विवाह आदि (अतिरिक्त 25%)
इसलिए हम केंद्र व राज्य सरकार से मांग करते हैं कि श्रमिकों के सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम वेतन ₹42,000 लागू किया जाए।

 

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