चुनाव आयोग की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों की दिल्ली भाजपा कड़ी निंदा करती है : हर्ष मल्होत्रा

नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आज एक पत्रकार सम्मेलन में कहा है कि भारत के चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों की आज हुई बैठक के बाद जारी प्रेस रिलीज ने जहां बिना पुष्टि के समाचार छाप कर सनसनी बनाने का प्रयास करने वाले एक समाचार पत्र की पोल खोल दी है तो वहीं राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल से लेकर ममता बनर्जी एवं अरविंद केजरीवाल सहित पूरे विपक्ष को शर्मसार किया है। पत्रकार सम्मेलन का संचालन मुख्य प्रवक्ता डा. अनिल गुप्ता ने किया।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा है कि भारत के चुनाव आयोग की विश्व भर में प्रतिष्ठा है, अनेक देशों ने विवाद होने पर भारत के चुनाव आयोग की मदद ली है पर यह खेदपूर्ण है की जनता द्वारा नकारे जा रहे कुछ विपक्षी राजनेता अपनी राजनीतिक खीझ में पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग की गरिमा को ठेस पहुंचाने का संगठित अभियान चला रहे हैं और दिल्ली भाजपा इसकी कड़ी निंदा करती है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद जारी प्रेस रिलीज ने साफ कर दिया है की बिहार, बंगाल, दिल्ली सहित 30 राज्यों में एस.आई.आर. प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय हो या शेष प्रशासनिक निर्णय सभी सोच विचार के एक मत बना कर होते हैं।
इसी तरह केबिनेट सचिव को लिखे पत्र पर विपक्ष द्वारा फैलाये जा रहे झूठ को भी चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज ने नकार दिया है।
यह अत्यन्त खेदपूर्ण है कि चुनावी पराजय से हताश पूरा विपक्ष एक समाचार पत्र में प्रकाशित अपुष्ट खबर को लेकर ना सिर्फ चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा धूमिल करने लगा बल्कि मुख्य चुनाव की गिरफ्तारी जैसी ओछी मांग भी करने लगा।
चुनाव आयोग द्वारा यह स्पष्ट करने के बाद की हमारे सभी निर्णय संवाद के बाद एक मत से होते हैं आज राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल जैसे नेता जनता के बीच जोकर बन गये हैं, काश वो उस अखबार के लेख की अंतिम लाइन पढ़ लेते तो आज शर्मसार ना होते।
यह ध्यान देने योग्य है कि एक अखबार ने सनसनी फैलाता एक लम्बा चोड़ा लेख तो लिखा पर उसकी आख़िरी लाइन लिख कर खुद को कानूनी मुकदमे से बचा लिया। लेख के अंत में लिखा गया की दोनों चुनाव आयुक्तों को अनेक ई मेल पत्र एवं मैसेज भेजे पर उन्होने जवाब दिया। *यह लाइन स्पष्ट करती है की अखबार ने मान लिया की खबर पुष्ट नही है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली में एस.आई.आर. क्लेम ओबजेकशन आदि की समय सीमा एक माह बढ़ाकर 30 अक्टूबर करने का स्वागत किया है और इसे चुनाव आयोग का संवेदनशील निर्णय बताया है।



