उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 826 ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाए जाने का निर्णय लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था का मज़ाक : चौ. सुनील सिंह

लखनऊ : लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 826 ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था का मज़ाक है।
उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत चुनाव कराने से डर रही है। उसे भय है कि यदि समय पर चुनाव हुए तो जनता उसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा सकती है। इसी डर के कारण सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को टालते हुए प्रधानों, जिला पंचायत अध्यक्षों और अब 826 ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाकर केवल राजनीतिक “लॉलीपॉप” देने का काम कर रही है।
चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को वास्तविक अधिकार देने के बजाय उन्हें प्रशासक बनाकर उनकी गरिमा और अधिकारों को कमज़ोर किया जा रहा है। यह सम्मान नहीं, बल्कि जनादेश का अपमान है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर कराए जाएं। लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है और उससे बचने के लिए चुनाव टालना सरकार की घबराहट को दर्शाता है। जनता इसका जवाब आने वाले चुनावों में अवश्य देगी।



