दादी नानी की कहानी से बच्चों ने सीखा समय का महत्व

लखनऊ। लोक संस्कृति शोध संस्थान की मासिक श्रृंखला दादी नानी की कहानी के अंतर्गत मंगलवार को गोमती नगर स्थित लिटिल चैंप्स स्कूल परिसर में बच्चों को एकत्र कर प्रेरक कहानी आज ही क्यों नहीं सुनाई गई। स्टोरीमैन जीतेश श्रीवास्तव ने रोचक शैली में कहानी का वाचन करते हुए समय के सदुपयोग और टालमटोल की आदत से बचने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत टंग ट्विस्टर और मनोरंजक खेलों से हुई जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इसके प्रेरक कथा के माध्यम से बताया गया कि जीवन में अवसर सभी को मिलते हैं किंतु आलस्य और कार्यों को टालने की प्रवृत्ति व्यक्ति को सफलता से दूर कर देती है। अंत में शिष्य को यह बोध होता है कि उसकी असफलता का कारण भाग्य नहीं बल्कि उसका आलस्य था। वह संकल्प लेता है कि अब कोई भी आवश्यक कार्य कल पर नहीं टालेगा।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य ऋचा माथुर, शिक्षिकाएँ रुखसाना, सोनिका, सीमा, रोली, शिवानी सहित अन्य उपस्थित रहे।



