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हिंदू हित ही राष्ट्र हित; शत-प्रतिशत मतदान हेतु आगे बढ़े हिन्दू समाज : विहिप

कोलकाता। विश्व हिन्दू परिषद ने  कहा है कि पूज्य संतों, महात्माओं और क्रातिकारियों की पुण्य धारा बंगाल को अब हिन्दू द्रोही व देश द्रोही तत्वों के चंगुल से मुक्त कराना जरूरी है। परिषद के केन्द्रीय संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे के कहा कि अब हिन्दू समाज को एकजुट होकर राज्य की समृद्धि और हिन्दू जीवन मूल्यों की पुन: प्रतिष्ठा व संरक्षण हेतु शत-प्रतिशत मतदान हेतु आगे आना होगा।

उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार की दृष्टि से विहिप द्वारा बंगाल सहित देशभर में हजारों सेवा कार्य चल रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ही नशा मुक्ति हेतु भी देशभर में हजारों जागरण के कार्यक्रमों में लाखों युवक-युवतियों ने व्यसन मुक्ति की सपथ ली। भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ, गो रक्षा-संरक्षण व संवर्धन तथा सामाजिक समरता के निर्माण में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता प्रण-पण से जुटे हैं।

यहाँ एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल खुदीराम बोस, बटुकेश्वर दत्त, जतिन दास व सुभाष चंद्र बोस जैसे अनेक क्रान्तिकारियों, ईश्वर चंद्र विद्यासागर व राजा राम मोहन राय जैसे समाज सुधारकों तथा स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद जैसे सिद्ध संतों की जन्म स्थली व कर्म भूमि रही है। यह मातंगिनी हाजरा, प्रतीलता वाड़ेदार, कल्पना दत्त तथा नीरा आर्य जैसी महान नारियां भी हुई हैं तो वहीं वंदे मातरम् जैसी कालजयी रचना लिखने वाले महान कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भी बंगाल की पावन धरा ने ही जन्मा है।

बंग भंग आंदोलन, भारत विभाजन की त्रासदी तथा बांग्लादेश के निर्माण के समय भी यहाँ के हिन्दू समाज ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सदियों से मुस्लिम हमलावरों, अंग्रेजी अत्याचारियों और नक्सलवादियों द्वारा यहां के हिन्दू समाज को प्रताड़ित व आतंकित किया गया। किन्तु उस ने इन सभी का डटकर मुकाबला किया।

बात चाहे रामनवमी की हो या हनुमान जन्मोत्सव की, सरस्वती पूजा की हो या दुर्गा पूजा की, वर्तमान राज्य सरकार पहले तो हमें उन्हें मनाने की अनुमति नहीं देती और यदि कोर्ट से अनुमति मिल भी जाए तो श्रद्धालुओं को पथराव और हमलों का शिकार होना पड़ता है। इस बार की श्री रामनवमी पर भी मुर्शिदाबाद, पुरुलिया व वीरभूमि जिलों में जिहादी तत्वों ने हमले किए। पिछले वर्षों में तो ये हमले और भी अनेक स्थानों पर और गंभीर रूप से हुए थे। हालांकि इन विपरीत परिस्थियों में भी राज्य उच्च न्यायालय ने निर्भीकता से जो निर्णय दिए वे सराहनीय हैं।

विहिप महामंत्री ने यह भी कहा कि दुर्भाग्य से इस समय भी पश्चिम बंगाल का शांतिप्रिय हिंदू समाज अनेक आक्रमणों और राष्ट्र विरोधी षड्यंत्रों का सामना कर रहा है। हिंदू त्योहारों, शोभायात्राओं, मंदिरों, मूर्तियों, घरों, दुकानों व अन्य व्यवसायिक संस्थानों पर हमले, लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण, गौ हत्या, सीमापार गौ तस्करी, बांग्लादशी घुसपैठ व जनसंख्या असंतुलन जैसी अनेक कुचक्रों से राज्यभर के हिन्दू आज भी जूझ रहे हैं और वहाँ के सत्ताधीश अपने जिहादी तुष्टीकरण में आकंठ डूबे हैं। घुसपैठ की भीषण समस्या ने संसाधनों पर हमले के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा को भी चुनौती दी है।

श्री परांडे ने कहा कि इस सब समस्याओं से निपटने हेतु राज्य की जनता के लिए लोक तंत्र का महोत्सव यानि मतदान पर्व शीघ्र आने वाला है। इसमें हमारे पास हिंदू हितैषी सरकार चुनने का सुअवसर है। जिससे कि हम बंगाली संस्कृति, परम्पराओं और त्योहारों के साथ राष्ट्रीय उत्सवों को निर्भय होकर आनंद से मना सकें।

राज्य के हिन्दू समाज का आव्हान करते हुए उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया में जो योग्य मतदाता है वे अपने नाम मतदाता सूची में अवश्य समय पर जुड़वाएं, निर्भय होकर हिन्दू हित में शत् प्रतिशत मतदान करें। हिंदू हित ही राष्ट्र हित है, इसमें किसी का अहित नहीं।

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