मनौतियों के राजा पंडाल मे भगवान गणेश के सहस्त्र नामों के साथ हुआ सिन्दूराभिषेक

लखनऊ। श्री गणेश प्राकट्य कमेटी के तत्वावधान में झूलेलाल वाटिका निकट हनुमान सेतु के पास चल रहे 20 वां मनौतियों के राजा का गणेशोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को सुबह मनौतियों के राजा के समक्ष सिन्दूराभिषेक की विशेष पूजा हुई। जो आकर्षण का केन्द्र बनी रही। इस पूजा में भक्तों ने बारी बारी से बप्पा को सिन्दूर लगाकर अभिषेक किया। बाद में भक्तों ने सिन्दूर को अपने माथे में लगाया। अयोध्या और बनारस से आये आचार्यो ने पूरे विधिविधान व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान गणेश के सहस्त्र नामों के साथ सिन्दूराभिषेक पूजन सम्पन्न कराया। श्रद्धालु अभिषेक करने के समय एक ही स्वर निकल रहा था जो सिन्दूर से करते है अभिषेक, श्री गणेश उनपर कृपा करते है अनेक। कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि भगवान गणेश को सिन्दूराभिषेक करने से घर परिवार में सुख समृद्धि आती है। अभिषेक करने वालों में कमेटी के भारत भूषण गुप्ता, घनश्यामदास अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, शरद अग्रवाल, योगेश बंसल, अखिलेश बंसल,
पार्षद रंजीत सिंह, महिलाओं में संध्या बंसल, अंजू गुप्ता, उषा अग्रवाल, कविता अग्रवाल, रुक्मणी अग्रवाल, अंशु बंसल, वीमी बंसल, नेहा बंसल, नीरजा सिंह, अनुराधा गोयल आदि लोग परिवार के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान गणेश को सिन्दूर से अभिषेक किया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक संजय शर्मा के निर्देशन में हुई। कार्यक्रम की शुरुआत नृत्य नाटिका
बाल्मीकि मुनि से हुई। इसमे दिखाया कि राम नाम का जाप करके रत्नाकर डाकू से बाल्मीकि मुनि बन गए जिन्होंने रामायण की रचना की माता सीता को अपने आश्रम में रख कर लव कुश का पालन पोषण आश्रम मे ही कराया। अगले क्रम मे सिंदूरी हनुमान मंचन मे दिखाया कि हनुमान जी ने राम जी की भक्ति में स्वयं को ही सिंदूर के रंग में रंग लिया। अगली नृत्य नाटिका बांके बिहारी जी का चमत्कार मे दिखाया कि अपने भक्त के प्रेम भाव मे विभोर होकर स्वयं बिहारी जी ने आकर दर्शन दिए। उसके बाद भजन संध्या का लोगों ने आनंद लिया। संजय शर्मा ने ऐसा क्या काम किया हमने तेरा जो मेरा हाथ तुमने थाम लिया …”, व “तेरे दर पे आके सब कुछ मिला है,,” सुनाया। इसी क्रम मे बीकानेर से आए परवेश शर्मा ने भजनों की गंगा बहाई। उन्होंने शुरुआत “हमारी दौलत है गौरी लाल हमारी शोहरत है गौरी लाल.. “से की। उसके बाद “ये जीवन तेरे हवाले चाहे जैसे तू आजमा ले…” सुनाया तो लोग झूमने पर मजबूर हो गये।
महामंत्री सतीश अग्रवाल ने बताया कि विगत वर्षो की भांति इस बार भी मनोतियों के राजा श्री गजानन के नाम चिट्ठी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 6ः00 बजे तक श्रद्धालु लिख सकते हैं।



