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संग्रहालयों में संरक्षित पांडुलिपियां एवं अन्य दुर्लभ सामग्री को संरक्षित कर भावी पीढ़ी को जानकारी दी जाए : जयवीर सिंह

पर्यटन मंत्री ने राज्य संग्रहालय के उच्चीकृत ऑडिटोरियम का लोकार्पण तथा मथुरा स्थित राजकीय संग्रहालय के 360 डिग्री वर्चुअल टूर का विमोचन किया

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश राजकीय संग्रहालय लखनऊ एवं राजकीय संग्रहालय मथुरा में संरक्षित दुर्लभ पाण्डुलिपियों, प्रतिमाओं एवं अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं की घर बैठे भ्रमण कर सकता है। उन्होंने कहा कि मथुरा के संग्रहालय में संरक्षित की गई वस्तुओं का 360 डिग्री वर्चुअल टूर कर उनके बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों संग्रहालयों में संग्रहित प्राचीन एवं ऐतिहासिक धरोहरें हमारे विरासत का हिस्सा है। इनको संरक्षित करके युवा पीढ़ी का ज्ञानवर्धन करने के साथ ही शोधार्थियों को शोध सामग्री सुलभ कराना भी है।

पर्यटन मंत्री आज राज्य संग्रहालय, लखनऊ के उच्चीकृत ऑडिटोरियम के लोकार्पण एवं राजकीय संग्रहालय मथुरा के 360 डिग्री वर्चुअल टूर के विमोचन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाण्डुलिपियां हमारी बहुमूल्य धरोहर है। इनका डिजिटलीकरण भी कराया गया है। वर्ष 2047 तक आजादी के 100 वर्ष पूरा होने पर भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। इसमें भावी पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने निदेशक संग्रहालय को निर्देश दिए कि आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग करके अपनी धरोहरों को संरक्षित रखते हुए भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए।

जयवीर सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि लखनऊ तथा अन्य स्कूलों के बच्चों का संग्रहालय में भ्रमण कराए ताकि बच्चे संरक्षित धरोहरों के बारे में जान सकें। उन्होंने कहा कि दर्शकों एवं आगंतुको को जानकारी देकर शोधकर्ताओं को भी जोड़ने के लिए साल भर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना बनाए। हमारी युवा पीढ़ी भविष्य की निर्माता है। वह वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, इतिहासविज्ञ, आदि बनकर विकसित भारत के निर्माण में अपना श्रेष्ठतम् योगदान दे सकते है। पर्यटन सलाहाकार जेपी सिंह ने कहा कि आज के बाद दर्शक संग्रहालय की किसी भी गैलरी की घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकते है।

जेपी सिंह ने कहा कि इतिहास एवं धराहरों के बारे में जानकारी प्राप्त करने वाले लोग एक क्लिक से संग्रहालयों का 360 डिग्री वर्चुअल टूर भ्रमण कर सकते है। इस अवसर पर संग्रहालय द्वारा आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोंगिताओं में शामिल बच्चों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। लखनऊ जनपद के विभिन्न विद्यालयों में राज्य संग्रहालय की उपयोगिता के बारे में बताया गया। इसमें प्राथमिक विद्यालय, अमानीगंज, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, मलिहाबाद आदि विद्यालयों में भाषण, गायन, चित्रकला, फैंसी ड्रेस एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

मंत्री  ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विजयी बच्चों खासतौर से प्रथम पुरस्कार पाने वाले आशी, हम्बिया अंसारी, रिद्धिमा सोनी तथा द्वितीय पुरस्कार पाने वाले कार्तिक, जोया आदि को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इसके अलावा अश्विनी आश्वि रावत, मानवी रावत, रूकसाना, हमदिया अंसारी, अनुष्का गौतम, बीरा, काव्या गुप्ता, मानसी, आशी, वंशिका मौर्या, तमन्ना मौर्या, हिफजा, रिद्धिमा सोनी, सुकन्या, कार्तिक, माही शर्मा, आस्था, जोया, नैन्सी, श्रद्धा, आन्या, नित्या, आयुषी, दिवांशु, सहनूर, रैययान, अंश, जैनब, अबु तालिब, अंश, अहम, नितिन कुमार, खुशी वर्मा, आयुष राजपूत, अंशिका यादव, हर्षिता, अंविका यादव, मो0 अवान हसीन, अलीशा, नीतू, आयजा रईस अंसारी, अखिल तिवारी आदि को सम्मानित किया गया। संग्रहालय की निदेशक, सृष्टि धवन ने अतिथियो का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर अभिलेखाकार के निदेशक, अमित अग्निहोत्री के अलावा संग्रहालय के डॉ विनय सिंह, डॉ अरसाज फातिनी, डॉ मीनाक्षी खेमका, प्रोजेक्ट मैनेजर, अरविंद दूबे के अलावा बड़ी संख्या मे ंविभिन्न स्कूलों के बच्चे उपस्थित थे।

 

 

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