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उत्सुक्ता टी.टी.एफ. में पर्यटन विभाग को मिला एक्सीलेन्स अवॉर्ड : जयवीर सिंह

.टी.एफ. कोलकाता में यूपी टूरिज्म की दमदार भागीदारी, उ.प्र. के धार्मिक स्थलों को लेकर आगन्तुकों में बढ़ी उत्सुक्ता

लखनऊ : देश के सबसे बड़े ट्रैवल शो नेटवर्क, ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टी.टी.एफ.-2025) में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा लगाये गये स्टॉल पर भारी भीड़ रही। समापन के अवसर पर विभिन्न स्टॉलों को पुरस्कृत किया गया। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग को एक्सीलेन्स अवॉर्ड प्रदान किया गया। इस अवॅार्ड को फेयर फैस्ट के चेयरमैन व सी.ई.ओ. श्री संजीव अग्रवाल ने प्रदान किया। कोलकाता के बिस्वा बांग्ला मेला प्रांगण में आयोजित टीटीएफ में उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत, धार्मिक, सांस्कृतिक, साहसिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार किया गया। आगंतुकों ने यूपी के स्टॉल पर राज्य के गंतव्यों की विस्तार से जानकारी ली। शनिवार को तीन दिवसीय पर्यटन मेले (10-12 जुलाई) का भव्य समापन हुआ।

यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि, इस वर्ष का संस्करण विशेष रूप से बीटूबी (बिजनेस टू बिजनेस) स्वरूप में आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की टीटीएफ में सक्रिय भागीदारी रही।उन्होंने कहा, ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर ने उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए अवसरों के नए द्वार खोले, जो राज्य के पर्यटन विकास में मददगार साबित होगा। टूर-ट्रैवल ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स से आग्रह किया गया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में उत्तर प्रदेश को अवश्य शामिल करें।
जयवीर सिंह ने बताया, टीटीएफ में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के स्टॉल पर राज्य के प्रमुख गंतव्यों से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की गई। विभाग द्वारा काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, चित्रकूट, नैमिषारण्य, बरेली सहित अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी आगन्तुकों को दी गई। इसके साथ ही ईको-टूरिज्म, हेरिटेज टूरिज्म एवं प्रदेश के महोत्सवों से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई। प्रदेश के वन्य जीव अभ्यारण्य, पक्षी विहार, 12 मेगा टूरिस्ट सर्किट, होटल, रिसोर्ट, फार्म स्टे, वेलनेस टूरिज्म और क्रूज आदि से संबंधित जानकारियां लोगों को दी गई। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस तरह के आयोजनों में भागीदारी राज्य के पर्यटन की व्यापक संभावनाओं को दर्शाती है। टीटीएफ में देश भर के साथ विदेशों से भी आए लोगों ने उत्तर प्रदेश को जाना-समझा। उन्होंने बताया कि इस तरह का आयोजन न सिर्फ नेटवर्किंग के लिए बेहतर अवसर प्रदान करता है, बल्कि क्षेत्रीय साझेदारी को भी गहराई से जोड़ता है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि कोलकाता में आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टी.टी.एफ.) में 500 से अधिक एग्जीबिटर्स ने अपने पर्यटन और यात्रा संबंधी उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में देश के 25 से अधिक राज्यों और दुनियाभर के 14 से अधिक देशों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, झारखंड, उत्तराखंड समेत पूर्वाेत्तर भारत से करीब 5,500 से अधिक व्यापारिक खरीदार व्यापार मेले का हिस्सा बने। टीटीएफ में पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्डेस्टिनेशन अपडेट और क्विज़श् कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा का आयोजन भी किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने खेल एवं एडवेंचर टूरिज्म में निहित आर्थिक संभावनाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा की। चर्चा में बताया गया कि कैसे पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग और ट्रैकिंग जैसे एडवेंचर एक्टिविटी पर्यटन को नई दिशा दे रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ।
जयवीर सिंह ने कहा, टीटीएफ जैसे आयोजन ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में व्यापार विकास और सहयोग के लिए एक अद्वितीय मंच प्रदान करता है। बताया कि उत्तर प्रदेश मंडप पर विशेष रूप से अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी (स्पिरिचुअल ट्रायंगल) सहित राज्य के अन्य लोकप्रिय और उभरते पर्यटन स्थलों की जानकारी दी गई। आगंतुकों को प्रदेश के अल्पज्ञात स्थलों, इको टूरिज्म से जुड़े डेस्टिनेशन, ग्रामीण पर्यटन, होम स्टे नीति और राज्य सरकार की विभिन्न पर्यटन नीतियों व सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। इस तरह के आयोजनों से उत्तर प्रदेश की पर्यटन नीति और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई दिशा मिल रही है।

 

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