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बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन विषय पर राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न

प्रदेश को आगामी 5 वर्षो में बाल श्रम मुक्त कराने हेतु विभिन्न कार्यवाहियों में तेजी लाई जाए : अनिल कुमार

लखनऊ : प्रदेश के प्रमुख सचिव श्रम,  अनिल कुमार ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आगामी 05 वर्षो में प्रदेश को पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त कराया जाना है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम बहुत बड़ी चुनौती है, जिसके लिए समाज के हर वर्ग को मिल कर समाधान ढूंढना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य और राष्ट्र निर्माता है। इसलिए बालश्रम उन्मूलन पूर्णतया आवश्यक है।  अनिल कुमार विधान भवन स्थित तिलक हाल में बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन विषय पर राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

प्रमुख सचिव ने कहा कि यह समस्या केवल बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके परिवार को भी बाहर निकालने के लिए ऐसे प्रयास किये जायें, जिससे उसके परिवार को लाभान्वित किया जा सकता है। इससे उस बच्चे के परिवार की आय के स्रोत बढ़ेंगे और बच्चों को बाल श्रम से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा बाल श्रम को खत्म करने के लिए विभिन्न विभागों को सहयोग करना होगा, जिससे उन विभागों में चल रही योजनाओं से बच्चे के परिवार की आय बढ़ाई जा सके।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश को आगामी 5 वर्षो में बाल श्रम मुक्त कराने हेतु विभिन्न कार्यवाहियों में तेजी लाई जाए। बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के लिए हर जिले में बाल गृह खोलने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चिन्हित बाल श्रमिकां का आयु परीक्षण 24 घंटे में करा लिया जाय। बैठक में बाल श्रम रेस्क्यू में आ रही समस्यायों पर भी चर्चा की गई, जिस पर प्रमुख सचिव द्वारा शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों के अधिकारी गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, यूनिसेफ प्रतिनिधि, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के प्रतिनिधि और श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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