पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ चार संगठनों का शंखनाद
हुसैनगंज में पत्रकार संगठनों की संयुक्त बैठक

मोहम्मद सैफ साबरी
लखनऊ। राजधानी के हुसैनगंज स्थित स्टेशन रोड पर पत्रकार सुरक्षा महासमिति के प्रदेश कार्यालय में चार प्रमुख पत्रकार संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में पत्रकारों के कथित उत्पीड़न, उनके सम्मान एवं अधिकारों से जुड़े मुद्दों और लखनऊ विकास प्राधिकरण, एलडीए की ओर से जारी की गई कथित विवादित सूची को लेकर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद संगठन प्रमुखों और पदाधिकारियों ने पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यदि जनहित के मुद्दे उठाने वाले पत्रकारों को कथित उत्पीड़न या अनुचित कार्रवाई का सामना करना पड़े, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय होने पर चारों संगठन मिलकर आवाज उठाएंगे और मामले को शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखेंगे।
बैठक में लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से बार-बार शिकायत करने वालों की कथित सूची जारी किए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि शिकायतों की संख्या के आधार पर किसी शिकायतकर्ता की मंशा पर संदेह करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि प्रत्येक शिकायत की जांच उसके तथ्यों, साक्ष्यों और संबंधित मामले की गंभीरता के आधार पर की जानी चाहिए। यदि किसी सूची या कार्रवाई से शिकायतकर्ताओं की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, तो उसकी प्रक्रिया और आधार को पारदर्शी बनाया जाना आवश्यक है।
बैठक में एलडीए की कार्यप्रणाली और शिकायतकर्ताओं से जुड़े प्रकरणों को लेकर उपाध्यक्ष के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित मामलों में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग उठाने पर सहमति बनी।
संगठन प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए। पत्रकारों सहित प्रत्येक नागरिक को अपनी शिकायत दर्ज कराने और उसका निष्पक्ष निस्तारण पाने का अधिकार है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि संगठनों का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अनुचित दबाव बनाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित कराना है।
संयुक्त बैठक में अखिल भारतीय पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा और लखनऊ जिला अध्यक्ष संजय सक्सेना, पत्रकार संवाद मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सईद खान ताजू, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंकज सिंह, राष्ट्रीय महासचिव एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार मोहम्मद सैफ साबरी तथा राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद अमान, और जिला उपाध्यक्ष फैजान कुरैशी उपस्थित रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय पत्रकार संघ (भारत) से राष्ट्रीय महासचिव शमशेर गाज़ीपुर और पत्रकार सुरक्षा महासमिति के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह व प्रदेश महामंत्री पत्रकार सुरक्षा महा समिति अमरेंद्र सिंह भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में चारों संगठनों ने पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के उत्पीड़न और शिकायतकर्ताओं के साथ कथित अन्याय के मामलों को लेकर संगठन चुप नहीं बैठेंगे तथा जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।


