कर्तव्य का खाकी संकल्प, बाज़ार खाला में सुरक्षा और सौहार्द का नया सवेरा

लखनऊ। खाकी की असली खूबसूरती उसकी सख्ती में नहीं, बल्कि उसकी संवेदनशीलता और मुस्तैदी में झलकती है। जब कोई जांबाज अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को सिर्फ पेशा न मानकर जनसेवा का संकल्प बना लेता है, तो समाज में सुरक्षा का अहसास अपने आप गहरा हो जाता है। इन दिनों लखनऊ के बाज़ार खाला थाना क्षेत्र की सड़कों पर कुछ ऐसा ही मुस्तैद और आश्वस्त करने वाला मंजर देखने को मिल रहा है।
आगामी मोहर्रम के मुकद्दस मौके पर क्षेत्र में अमन, चैन और आपसी सौहार्द का माहौल बनाए रखने के लिए थाना अध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ खुद धरातल पर कमान संभाले हुए हैं।
अपराधियों के दिलों में कानून का खौफ पैदा करने और आम नागरिकों के मन में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ पूरे क्षेत्र और चौकियों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में सघन पैदल मार्च किया। इस गश्त की रफ्तार और ऊर्जा यह बताने के लिए काफी थी कि पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पैदल मार्च के दौरान उन्होंने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, बल्कि स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से बेहद आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने त्योहार के दौरान सुगम यातायात बनाए रखने और सड़कों पर जाम न लगाने की हिदायत देते हुए सभी से सहयोग की अपील की।
बृजेश कुमार सिंह लखनऊ पुलिस के उन चुनिंदा चेहरों में से हैं जो अपनी बेदाग ईमानदारी, त्वरित न्याय प्रणाली और कड़क कार्यशैली के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। वे सिर्फ दफ्तर की फाइलों तक सीमित रहने वाले अधिकारी नहीं हैं, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी शिकायतों को सुनना और उनका त्वरित निस्तारण करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
बाज़ार खाला क्षेत्र ने पहले भी कई थाना अध्यक्षों का कार्यकाल देखा है, लेकिन बृजेश कुमार सिंह जैसी तेज-तर्रार शख्सियत और कर्मठता की मिसाल यहाँ पहली बार देखने को मिली है। वे जनता के सच्चे मददगार और मार्गदर्शक बनकर उभरे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब उनके काम की सराहना हो रही है। इससे पहले जब वे सहादतगंज थाने के प्रभारी थे, तब भी उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और अथक परिश्रम से कानून व्यवस्था को एक नए मुकाम पर पहुँचाया था। आज भी वहाँ के लोग उनकी कार्यशैली की मिसालें देते हैं। ऐसे समर्पित अधिकारियों की मौजूदगी पूरी पुलिस बिरादरी का गौरव बढ़ाती है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि हर क्षेत्र को ऐसा ही संवेदनशील और साहसी नेतृत्व मिले।
बाज़ार खाला पुलिस की इस मुस्तैदी और थाना प्रभारी के नेतृत्व को देखकर यह साफ नजर आता है कि आगामी मोहर्रम का त्योहार पूरी अकीदत, शांति, और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल के साथ संपन्न होगा। सड़कों पर खाकी का यह पैदल मार्च दरअसल समाज में शांति का मार्च है।



